यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 03, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Pakistan Crisis: इमरान खान को विपक्ष ने बताया गद्दार तो PTI ने कहा- अब जनता देगी जवाब, विपक्ष का असेंबली छोड़कर जाने से इनकार
इमरान खान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को नेशनल असेंबली के डिप्टी स्पीकर द्वारा खारिज किए जाने के बाद विपक्ष गुस्साया ...और पढ़ें

इस्लामाबाद (आनलाइन डेस्क)। पाकिस्तान में इमरान खान सरकार के खिलाफ विपक्ष के लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को नेशनल असेंबली के डिप्टी स्पीकर द्वारा खारिज कर देने के बाद विपक्ष गुस्साया हुआ है। विपक्ष ने इमरान खान को गद्दार बताया है। पीपीपी अध्यक्ष बिलावल भुट्टो ने कहा कि इमरान खान देश का विश्वास पूरी तरह से खो चुके थे। इसलिए ही उन्होंने इस तरह का गैर संवैधानिक कदम उठाया। उन्होंने कहा कि अब सुप्रीम कोर्ट उन्हें बताएगा कि वो गलत है।
सुप्रीम कोर्ट जाएगा विपक्ष
पीपीपी ने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे को सुप्रीम कोर्ट में लेकर जाएगा। दूसरी विपक्षी पार्टियों के नेताओं ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट को खुद आज जो कुछ हुआ उस पर दखल देते हुए इमरान खान को सरकार से बेदखल करना चाहिए। यदि अभी ऐसा नहीं हुआ तो फिर देश के हालात बेहद खराब हो जाएंगे। विपक्ष का कहना है कि वो जब तक नेशनल असेंबली से बाहर नहीं जाएगा जब तक उन्हें अपना हक नहीं मिल जाता है। विपक्ष साफ कर चुका है कि वो न सिर्फ इमरान खान बल्कि स्पीकर के खिलाफ भी तब तक धरना देगा जब तक इमरान खान सरकार से बेदखल नहीं हो जाता है।
पीटीआई का जवाब
इस फैसले के बाद इमरान खान की पार्टी पीटीआई ने ट्वीट कर लिखा है कि पाकिस्तान का भविष्य पाकिस्तान के 22 करोड़ लोगों द्वारा तय किया जाएगा।किसी भी देश, किसी देशद्रोही, किसी भी अंतरात्मा के गद्दार को लोगों के वोट की पवित्रता का उल्लंघन करने वाले सदन में बैठने की अनुमति नहीं है।
पीपीपी ने किया ट्वीट
बिलावल भुट्टो ने अपने एक ट्वीट में कहा है कि नेशनल असेंबली के स्पीकर ने संविधान के खिलाफ काम किया है। वो जानते थे कि विपक्ष की ताकत काफी अधिक है और इमरान खान की सरकार जा सकती है। उन्होंने ये भी कहा है कि इस फैसले के खिलाफ उनके वकील सुप्रीम कोर्ट जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश के संविधान को बचाने के लिए हमें लड़ना ही होगा।
जानकारों की राय
पाकिस्तान के वरिष्ठ पत्रकार हामिद मीर का कहना है कि स्पीकर के इस फैसले के बाद अब इमरान खान ने कई रास्ते खोल दिए हैं। इनमें से एक रास्ता ये भी है कि विपक्ष खुद अपना स्पीकर चुने और इमरान खान के खिलाफ वोटिंंग करवाए। इसके बाद वो अपना एक नेता चुने और उसको पाकिस्तान का पीएम नियुक्त करे। उनका कहना है कि संविधान के अनुच्छेद 96 के अनुसार ऐसा किया जा सकता है।
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