काबुल, एएनआइ। काबुल में बुधवार दोपहर गृह मंत्रालय के परिसर में स्थित मस्जिद में हुए विस्फोट में चार लोगों की मौत हो गई और 25 अन्य घायल हो गए। विस्फोट के समय मस्जिद में कर्मचारी और आगंतुक नमाज अदा कर रहे थे। तालिबान के प्रवक्ता ने कहा कि विस्फोट की जांच की जा रही है और जल्दी ही इसका ब्योरा साझा किया जाएगा। गृह मंत्रालय के प्रवक्ता अब्दुल नाफी टाकोर ने ट्वीट किया है, 'दुर्भाग्य से जिस समय गृह मंत्रालय के कर्मचारी और आगंतुक नमाज अदा कर रहे थे उसी दौरान धमाका हुआ।'

शिक्षा केंद्र पर हुए बम विस्फोट में 40 से ज्‍यादा लोगों की हुई थी मौत

काबुल के आपात अस्पताल ने कहा है कि हाल के दिनों में यह दूसरी घटना है और इस साल 23वीं। अस्पताल ने कहा, 'दिन के दो बजे के आसपास कुछ घायल लोगों को लाया गया। विस्फोट होने की कोई खबर नहीं मिली है।' बीते सोमवार को भी काबुल में एक शिक्षा केंद्र पर बम विस्फोट हुआ था जिसमें 40 से ज्‍यादा लोगों की मौत हो गई थी। इसके कुछ दिनों बाद काबुल के पश्चिमी भाग में एक अन्य हजारा आबादी वाले क्षेत्र को निशाना बनाया गया था।  

व्यक्ति ने विस्फोटक से खुद को उड़ाया

कार्यवाहक निदेशक डेजान पैनिक ने कहा, 'कुछ मिनट बाद ही बड़ी संख्या में घायलों को लाया गया और उन्हें बताया गया कि एक व्यक्ति ने विस्फोटक से खुद को उड़ा लिया। यह एक आत्मघाती हमला था।' उन्होंने कहा कि अगले कुछ घंटे में हताहतों की संख्या बढ़ने की आशंका है। नजदीक के अन्य स्वास्थ्य केंद्रों से और घायल लाए जा सकते हैं। गृह मंत्रालय का परिसर काबुल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के समीप स्थित है।

शहरी क्षेत्रों में सिलसिलेवार विस्फोट

सत्ताधारी तालिबान का दावा है कि 2021 में कब्जा करने के बाद से उन्होंने देश को सुरक्षित कर दिया है। बड़े पैमाने हो रहे संघर्ष तो बंद हो गए, लेकिन हाल के महीनों में शहरी क्षेत्रों में सिलसिलेवार विस्फोट हुए हैं। शुक्रवार को पश्चिमी काबुल में एक शिक्षण केंद्र में हुए विस्फोट में 53 लोग मारे गए थे। मरने वालों में अधिकांश लड़कियां और महिलाएं थीं। सोमवार को काबुल के पश्चिमी हिस्से में हाजारा आबादी इलाके में विस्फोट हुआ था।

बम धमाकों से लोगों में आक्रोश

अफगानिस्‍तान में आए दिन हो रहे बम धमाकों से लोगों में आक्रोश है। बीते शनिवार को अल्पसंख्यक हजारा समुदाय की महिलाओं ने काज एजुकेशनल सेंटर पर हुए आतंकी हमले के विरोध में प्रदर्शन किया। पझवोक अफगान न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, काले कपड़े पहने महिला प्रदर्शनकारियों ने अल्पसंख्यकों के नरसंहार के खिलाफ नारे लगाए और अपने अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। मानवाधिकार समूहों का कहना है कि तालिबान अपने वादों पर खरा नहीं उतरा है।

यह भी पढ़ें- Pakistan: जनरल बाजवा ने रिटायरमेंट लेने का किया ऐलान, कहा- राजनीति से दूर रहेंगी सेना

यह भी पढ़ें- liquid water on Mars: क्या मंगल ग्रह पर है जीवन की संभावना?, ग्रह पर वैज्ञानिकों ने फिर खोजे पानी के सबूत

Edited By: Krishna Bihari Singh

जागरण फॉलो करें और रहे हर खबर से अपडेट