नई दिल्‍ली, जागरण स्‍पेशल । पाकिस्‍तान थिंक टैंक की रिपोर्ट पर भरोसा किया जाए तो यह वर्ष भारत-पाकिस्‍तान के रिश्‍तों के लिहाज से बेहद खराब रहेगा। दोनों देशों के बीच और तनाव बढ़ेगा। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्‍तान अधिकतर समय इन विवादों को निपटाने में लगाएगा। इस रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि पाकस्तिान के विदेशी मामले चुनौतीपूर्ण रहेंगे। खासकर भारत और पाक के रिश्‍ते और तल्‍ख होंगे। इस रिपोर्ट में यह आशंका जाहिर की गई है कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार में दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ेगा। ऐसे में पाकिस्‍तान का ज्‍यादा समय देश की सुरक्षा रणनीति तय करने में लगाना होगा। इस्‍लामाबाद पॉलिसी इंस्‍टीट्यूट ने अपनी रिपोर्ट पाकिस्‍तान आउटलुक 2020: पॉलिटिक्स, इकोनॉमी एंड सिक्योरिटीज में कहा कि भारत के साथ तनाव की वजह से पाकिस्तान अपना अधिकतर रणनीतिक और कूटनीतिक समय जाया होगा। इस्लामाबाद के थिंकटैंक ने यह रिपोर्ट विदेश मामलों में मौजूदा परिस्थितियों, आर्थिक, राजनीतिक स्थिरता और सुरक्षा की समीक्षा करने के बाद तैयार की है।

भारतीय जनता पार्टी का शासन पाकिस्‍तान के लिए खतरा

पाकिस्‍तान आउटलुक रिपोर्ट में पूर्व विदेश सचिव सलमान बशीर ने आरोप लगाया है कि भारत से पाकिस्तान की सुरक्षा को सबसे पहला खतरा भारतीय जनता पार्टी के शासन में भारत का खतरनाक रूप से हिंदू देश में तब्दील होना है। इस रिपोर्ट में यह चिंता जाहिर की गई है कि इससे दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ेगा। यह भी कहा गया है कि कश्‍मीर में मुस्लिम समुदाय पर संकट है। रिपोर्ट में विदेश नीति के पहलुओं की समीक्षा पूर्व विदेश सचिव सलमान बशीर ने और सैन्य पहलुओं का आकलन रक्षा सचिव एवं सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल आसिफ यासिन मलिक ने किया है। अर्थशास्त्री सैयद हुसैन हैदर ने आर्थिक स्थिति और फरहान बुखारी ने राजनीतिक स्थिरता का आकलन किया है। 

कश्‍मीर के हालात पर पर निर्भर करेगा दोनों देशों के रिश्‍ते

रिपोर्ट के मुताबिक, नई दिल्‍ली और इस्‍लामाबाद के रिश्‍ते कश्‍मीर के हालात और भारत में मुस्लिमों की स्थिति पर निर्भर करेगा। इसमें आंशका प्रकट की गई है कि भारत और पाकिस्‍तान के बीच तनाव के हालात बने रहेंगे।बता दें कि पिछले वर्ष भारत द्वारा जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म करने के लिए अनुच्छेद-370 खत्म किए जाने के बाद से दोनों देशों में जबरदस्‍त तनाव है। हालांकि, भारत ने स्‍पष्‍ट कर दिया था कि यह उसका आतंरिक मामला है। इसमें किसी देश को दखलअंदाजी नहीं करनी चाहिए। भारत ने साफ किया था कि पाक को इस सच्‍चाई को स्‍वीकार करनी चाहिए। पाकिस्‍तान ने कई अंतरराष्‍ट्रीय मंच पर इस बात को उठाया था, लेकिन हर जगह उसकी बात को अनसुना कर दिया गया।

 पाकिस्तान-अमेरिका के रिश्तों में और तनाव आएगा

इस रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि अमेरिका और चीन में प्रतिस्पर्धा से पाकिस्तानी नीति-निर्माताओं की आने वाले दिनों में कठिन परीक्षा होगी। इससे पाकिस्तान-अमेरिका के रिश्तों में और तनाव आएगा। इससे पाकिस्तान के नजरिए से क्षेत्रीय परिस्थितियां और जटिल होंगी। उन्होंने कहा कि भारत को अंतरराष्ट्रीय और सिद्धांतों के उल्लंघन के बावजूद अमेरिका का समर्थन प्राप्त होगा।  रिपोर्ट में कहा गया कि पाकिस्तान के लिए विदेश मामला 2020 में पूरे साल चुनौतीपूर्ण रहेगा जिसका गंभीर असर उसकी अर्थव्यवस्था, सुरक्षा और आंतरिक स्थिरता पर पड़ेगा। 

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Posted By: Ramesh Mishra

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