'रूस की रिफाइनरियों पर रोक देंगे हमला, लेकिन...' जेलेंस्की ने रखी एक शर्त?
यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने रूस की तेल रिफाइनरियों पर हमले रोकने की शर्त रखी है। उन्होंने कहा कि अगर ...और पढ़ें

रूस की रिफाइनरियों पर रोकने के लिए जेलेंस्की ने रखी एक शर्त।
HighLights
जेलेंस्की ने रूस की रिफाइनरियों पर हमले रोकने की शर्त रखी।
रूस यूक्रेन के ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले बंद करे।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की आलोचना के बाद आया यह बयान।
डिजिटल डेस्क, कीव। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने रविवार को कहा कि अगर रूस यूक्रेन के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्टर पर हमले कम कर दे, तो यूक्रेन भी रूस की तेल रिफाइनरियों पर हमले रोकने को तैयार हो जाएगा। यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की आलोचना के बाद आया है।
दोनों नेताओं के बीच तनाव शुक्रवार से बढ़ गया है, जब ट्रंप ने एक डील की घोषणा की थी। इस डील के तहत रूस को प्रतिबंधों में राहत के बदले ग्लोबल एनर्जी मार्केट में बड़ी मात्रा में डीजल उपलब्ध करना था।
जेलेंस्की ने इस डील को कमजोर फैसला बताया और कहा कि इससे रूस के यूक्रेन पर हमले जारी रखने का बढ़ावा मिलेगा। वहीं, ट्रंप ने शनिवार को कहा कि ईंधन की बढ़ती कीमतों के लिए यूक्रेन के हमले जिम्मेदार हैं।
फरवरी के आखिर से अमेरिका में बढ़ीं पेट्रोल-डीजल की कीमतों
फरवरी के आखिर से अमेरिका में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तेजी आई है। उस समय ईरान पर अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हमलों के जवाब में तेहरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को ब्लॉक कर दिया था, जो खाड़ी देशों से तेल निर्यात के लिए एक अहम समुद्री रास्ता है।
'...तो हम भी बंद कर देंगे रूस की रिफाइनरियों पर हमले'
जेलेंस्की ने X पर कहा कि अगर रूस हमारे एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले बंद कर दे, तो यूक्रेन भी रूस की तेल रिफाइनरियों पर हमले रोकने को तैयार हो जाएगा। तनाव कम करने के किसी भी कदम के लिए दोनों तरफ से पहल होनी चाहिए और उसके लिए ठोस गारंटी भी होनी चाहिए।
फरवरी 2022 में हमले के बाद से रूस ने यूक्रेन के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर कई बार हमले किए हैं, जिससे सर्दियों के महीनों में लाखों लोगों की बिजली और हीटिंग की सुविधा ठप हो गई थी।
कीव में फिर से बिजली कटौती की घोषणा
यूक्रेन की सबसे बड़ी प्राइवेट एनर्जी कंपनी, DTEK ने रविवार को राजधानी कीव में फिर से बिजली कटौती की घोषणा की।
जेलेंस्की और ट्रंप के बीच यह विवाद ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका में कड़े मुकाबले वाले चुनाव होने वाले हैं, जिनमें महंगाई को लेकर वोटरों की नाराजगी एक बड़ा मुद्दा है।
(समाचार एजेंसी एएफपी के इनपुट के साथ)
