यमन पर कब्जे की लड़ाई तेज, सरकारी सेना से भीषण जंग में 63 की मौत; एक लाख से अधिक लोग बेघर
यमन में ईरान समर्थित हूती लड़ाकों और सरकारी सेना के बीच लड़ाई तेज हो गई है, जिसमें 24 घंटे में 63 से अधिक लड़ाके और सैनिक मारे गए हैं। =

यमन पर कब्जे की लड़ाई तेज (फोटो- रॉयटर्स)
HighLights
यमन में हूती और सरकारी सेना के बीच संघर्ष हुआ तेज
24 घंटे में 63 से अधिक लड़ाके और सैनिक मारे गए
एक लाख पच्चीस हजार से ज्यादा लोग हुए विस्थापित
जेएनएन, नई दिल्ली । यमन में ईरान समर्थित हूती लड़ाकों और सरकारी सेना के बीच लड़ाई तेज हो गई है। हूती सऊदी अरब के सीमावर्ती इलाकों पर भी मिसाइलों और ड्रोन से हमले कर रहे हैं जबकि सऊदी सेना हूती के नियंत्रण वाले इलाकों पर लगातार हवाई हमले कर रही है।
इस लड़ाई में गुरुवार मध्य रात्रि के बाद के 24 घंटों में 63 से ज्यादा लड़ाके और सैनिक मारे गए हैं। मारे गए 40 लड़ाकों में ज्यादातर सऊदी अरब के हवाई हमलों के शिकार हुए हैं, जबकि लड़ाई में यमनी सेना के 23 सैनिक मारे गए हैं।
इस लड़ाई में लाल सागर और बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट के आसपास के इलाकों पर हूती का कब्जा दिनों-दिन मजबूत हो रहा है।
रॉयटर के अनुसार हूती लड़ाके सऊदी शहरों पर अपने हमले बढ़ाते जा रहे हैं। उनके निशाने पर सऊदी अरब के सैन्य और तेल ठिकाने हैं। जमीनी लड़ाई में हूती लड़ाके भारी पड़ रहे हैं लेकिन सऊदी और यमनी वायुसेना के हमलों में बड़ी संख्या में हूती के लड़ाके मारे भी जा रहे हैं।
बीबीसी के अनुसार, सऊदी समर्थित यमन सरकार के नियंत्रण वाले तैज और लाहज प्रांतों में भीषण जमीनी लड़ाई चल रही है, वहां पर हूती लड़ाके सरकारी सैनिकों को पीछे धकेलते जा रहे हैं। हूती लड़ाकों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए तैज में उन पर सऊदी अरब के लड़ाकू विमान बमबारी कर रहे हैं लेकिन हूती का आगे बढ़ना थम नहीं रहा है।
इस बीच यमन के लड़ाई से प्रभावित क्षेत्रों से नागरिकों का विस्थापन जारी है। घर छोड़कर सुरक्षित इलाकों में जाने वालों की संख्या एक लाख 25 हजार को पार कर गई है। इनमें से करीब तीन हजार लोग अदन की खाड़ी पार करके जिबूती पहुंच गए हैं।
इस बीच ईरान ने सऊदी अरब को आगाह किया है कि वह मक्का पर ड्रोन हमले कोशिश की झूठी अफवाह न फैलाए। इससे मुस्लिम देश बंटेंगे और इसका पूरे मुस्लिम जगत को नुकसान होगा। एएनआइ के अनुसार ईरान ने सऊदी अरब द्वारा मक्का पर हूती के ड्रोन हमले की कोशिश की अफवाह उड़ाने की कड़ी निंदा की है।
कहा है कि सऊदी अरब इस अहम धार्मिक मसले का राजनीतिकरण न करे। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने कहा है कि मक्का की सुरक्षा हम सभी की प्राथमिकता है, इसलिए ठोस साक्ष्य के बिना किसी तरह का आरोप नहीं लगाना चाहिए। मक्का, मदीना और अल अक्सा मस्जिद (यरुशलम) पर हमले की कोई भी कोशिश या विचार घोर निंदनीय है।
