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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 21, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

फीफा वर्ल्ड कप से फ‍िर चर्चा में आया Zakir Naik कौन है? भारत से क्‍या है लिंक, जानें उसके बारे में सबकुछ

By Ramesh MishraEdited By:
Published: Mon, 21 Nov 2022 11:39 AM (IST)Updated: Mon, 21 Nov 2022 11:46 AM (IST)

Who is Zakir Naik जाकिर के व्यवहार की वजह से ब्रिटेन की सरकार ने उसके प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया। ...और पढ़ें

फीफा वर्ल्ड कप में विवादों में रहने वाले Zakir Naik कौन हैं। एजेंसी।
फीफा वर्ल्ड कप में विवादों में रहने वाले Zakir Naik कौन हैं। एजेंसी।

नई दिल्‍ली, जेएनएन। भारत में विवादों में रहने वाले जाकिर नाइक ने उस वक्‍त देश छोड़ दिया, जब उसके खिलाफ भारत सरकार ने शिकंजा कसना शुरू किया। कानूनी कार्रवाई के भय से उसने विदेश में शरण ली। पहले वह ब्रिटेन गया। जाकिर के व्यवहार की वजह से ब्रिटेन की सरकार ने उसके प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया। इसके बाद जाकिर ने मलेशिया की ओर रुख किया। मलेशिया पहुंचने के बाद जाकिर ने इसे अपना स्‍थायी अपना ठिकाना बनाया है। इस कड़ी में हम आपको बताएंगे कि आखिर जाकिर नाइक कौन है। भारत से उनका क्‍या लिंक है। वह दुनिया में क्‍यों विवादों में हैं। भारत सरकार उनके प्रत्‍यर्पण की मांग क्‍यों कर रही है।

1- इन दिनों जाकिर मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर से भी कुछ किलोमीटर की दूरी पर शान से रह रहा है। भारत में जाकिर के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया गया था। इतना ही नहीं उनके खिलाफ रेड कार्नर नोटिस भी जारी किया गया। इसके पहले जाकिर भारत छोड़कर मलेशिया पहुंच गया। एक रिपोर्ट के मुताबिक वह वहां के सरकारी दफ्तरों और आवासीय भवनों वाले वीआईपी इलाके में रहता है। बीबीसी रिपोर्ट के मुताबिक जाकिर इस जगह पर आराम से अपने सुरक्षाकर्मियों के साथ रहता है। इस रिपोर्ट के मुताबिक इस देश में जाकिर पर किसी तरह की पाबंदी नहीं है।

2- जाकिर ने मलेशिया में रहने के दौरान अपनी एक प्रभावशाली जगह बना ली है। मलेशिया के पेनांग राज्य के उप मुख्यमंत्री वाई बी कुमारसामी ने कहा कि कि जाकिर ने मलेशिया में एक अवतारी पुरुष जैसी शख्शियत हासिल की है। मलेशिया के युवाओं पर उसका अच्‍छा प्रभाव है। मलेशिया में युवाओं में उनके प्रति काफी श्रद्धा का भाव हैं। जाकिर का प्रभाव हर उम्र के लोगों पर दिखाई पड़ता है।

3- मलेशिया हिंदू और बौद्ध धर्म के लोग जाकिर द्वारा इस्लाम से उनके धर्मों की तुलना और हिंदू और बौद्ध धर्म की आलोचना को सही नहीं मानते हैं। मलेशियाई हिंदू और बौध धर्म के समर्थकों का दावा है कि जाकिर मलेशियाई समाज के बहु-सांस्कृतिक मूल्यों के लिए खतरा है। वह सभ्‍यता को नष्ट कर रहे हैं। एक समय में ब्रितानी सरकार ने ब्रिटेन में जाकिर के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया है। 

4- मलेशिया की कुल आबादी 3.3 करोड़ है। मलेशिया में मलय समुदाय बहुसंख्‍यक है। देश में 65 फीसद आबादी मलय समुदाय की है। इसमें ज्यादातर लोग मुस्लिम धर्म को मानने वाले हैं। मलेशिया में 20 फीसद लोग चीनी हैं। वह बौद्ध धर्म को मानते हैं। सात फीसद लोग भारतीय मूल के हैं। इनमें से ज्यादातर तमिल हिंदू हैं। यह अल्पसंख्यक नाइक की उपस्थिति से खतरा महसूस करते हैं। ये लोग चाहते हैं कि उनकी सरकार जाकिर को भारत प्रत्यर्पित कर दे, ताकि वे भारत में अपने खिलाफ लगे अभियोगों का सामना कर सकें।

भारत ने जाकिर के प्रत्‍यर्पण के लिए दिए सबूत

मलेशिया सरकार की यह मान्‍यता है कि भारत ने जाकिर के प्रत्‍यर्पण के लिए जो सबूत दिए हैं, वह बेहद कमजोर हैं। मलेशिया की सरकार का मानना है कि जाकिर नाइक को भारत में न्याय नहीं मिलेगा। बता दें कि जाकिर के खिलाफ भारत में वारंट जारी है। जाकिर पर सांप्रदायिक आधार पर युवाओं को भड़काने का आरोप है। भारत ने इस अभियोग के आधार पर मलेशिया सरकार से जाकिर को प्रत्यर्पित करने का निवेदन किया है। हालांकि, मलेशिया सरकार ने अब तक इस दिशा में कोई काम नहीं किया है। 

जाकिर ने अपने पीस टीवी चैनल से दिए संदेश

जाकिर अपना संदेश अपने पीस टीवी चैनल के जरिए देते हैं। इस चैनल के जरिए वह भड़काऊ भाषण देते हैं। यह टीवी चैनल बांग्‍लादेश और भारत में प्रतिबंधित है। वर्ष 1965 में मुंबई के मुस्लिम बहुल इलाके डोंगरी में पैदा होने वाले नाइक के घर में कई लोग पेशे से डाक्‍टर हैं। जाकिर ने वर्ष 1991 में अपनी डाक्‍टरी पेशा छोड़कर इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन की स्थापना की थी। जाकिर के फाउंडेशन और स्कूल भारत सरकार ने सील कर द‍िया है। उनके टीवी चैनल पीस टीवी के दुनिया भर में दो करोड़ फालोअर्स हैं।