'महिला कर्मचारियों से हाथ मिलाने से मना करता था हमलावर', फ्लाईदुबई विमान के ओमानी को-पायलट को लेकर खुलासा
दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट का को-पायलट ओमान का रहने वाला है। उसको लेकर खुलासा हुआ ...और पढ़ें
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तस्वीर का इस्तेमाल प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (एआई द्वारा निर्मित फोटो।)
HighLights
को-पायलट ने कैप्टन पर हमला कर विमान नियंत्रण का प्रयास किया।
इजरायल संभावित आतंकी हमले के तौर पर घटना की जांच कर रहा है।
हमले के बाद विमान कुछ मिनटों में 14,000 फीट नीचे गिरा।
डिजिटल डेस्क, तेल अवीव। दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की एक फ्लाइट में हवा में हुई घटना की इजरायली अधिकारी जांच कर रहे हैं। आरोप है कि एक को-पायलट ने कैप्टन स्मित मछार पर धारदार हथियार से हमला किया और प्लेन का कंट्रोल अपने हाथ में लेने की कोशिश की।
इस घटना की जांच संभावित आतंकी हमले की कोशिश के तौर पर की जा रही है, जबकि ओमान का रहने वाले आरोपी को-पायलट को सऊदी अधिकारियों ने हिरासत में ले लिया है। हमले का मकसद अभी साफ नहीं है लेकिन विदेशी मीडिया रिपोर्ट्स में एक साथी पायलट का हवाला दिया गया है, जिसने बताया कि वह व्यक्ति बहुत ज्यादा धार्मिक व्यवहार करता था।
घटना के बाद उठ रहे सवाल
रिपोर्ट्स में इस बात पर भी सवाल उठाए गए हैं कि ओमान के नागरिक को इजरायल जाने वाली फ्लाइट उड़ाने की मंजूरी कैसे मिली, जबकि ओमान के इजरायल के साथ राजनयिक संबंध नहीं हैं। टाइम्स ऑफ इजरायल के मुताबिक, 'वह बहुत ज्यादा प्रार्थना करता था, महिलाओं से हाथ मिलाने से मना करता था।'
एक साथी पायलट ने इजरायल के चैनल 16 को बताया कि कथित हमलावर लगभग आठ महीने पहले फ्लाईदुबई में शामिल हुआ था। पायलट के हवाले से कहा गया, "वह दिन भर बहुत ज्यादा प्रार्थना करता था और महिलाओं से हाथ मिलाने से मना कर देता था।"
डेली मेल ने भी इसी जानकारी का हवाला देते हुए बताया कि साथी ने पायलट को धार्मिक चरमपंथी बताया, जिसका व्यवहार एयरलाइन में उसके आस-पास के माहौल से मेल नहीं खाता था। हालांकि रिपोर्ट्स से यह साबित नहीं हुआ कि उस व्यक्ति ने धार्मिक गतिविधियों की वजह से ही हमला किया था।
को-पायलट को लेकर उठ रहे सवाल
इजरायली अधिकारियों ने कहा है कि वे इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या यह घटना आतंकी हमले की कोशिश थी। हालांकि हमले का मकसद तुरंत पता नहीं चल पाया था। डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक, एक साथी कर्मचारी ने उस आदमी को फ्लाइट में शामिल करने के एयरलाइन के फैसले पर अफसोस जताया। उन्होंने कहा कि इस घटना में फ्लाइट में सवार लोगों की जान लगभग चली ही गई थी। रिपोर्ट में उस साथी के हवाले से सवाल उठाया गया कि ओमान के नागरिक को इजरायल जाने वाली फ्लाइट में कैसे भेजा गया।
मिनटों में 14 हजार फीट नीचे आया विमान
विमान कुछ ही मिनटों में 14,000 फीट नीचे आ गया था। यह घटना तब शुरू हुई जब विमान इजरायल की ओर जा रहा था। टाइम्स ऑफ इजरायल और डेली मेल की रिपोर्ट के अनुसार, हमलावर ने कॉकपिट में घुसने और विमान के कंट्रोल में गड़बड़ी करने की कोशिश करने से पहले कैप्टन मछार पर चाकू से हमला किया। इसके बाद विमान तेजी से नीचे की ओर गिरने लगा।
डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक, प्लेन कुछ ही मिनटों में करीब 14,000 फीट नीचे गिरा, जबकि टाइम्स ऑफ इजरायल ने चश्मदीदों के हवाले से बताया कि यह दो मिनट में करीब 17,000 फीट नीचे आया।
यात्री यानीव हायून ने बताया कि उन्होंने और दूसरों ने चीखने-चिल्लाने की आवाज सुनी और विमान को नीचे की ओर गिरते हुए महसूस किया, जिसके बाद वे जबरदस्ती कॉकपिट में घुस गए। उन्होंने बताया कि उन्होंने हमलावर को कंट्रोल को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करते देखा तो उसे पकड़कर पीछे खींच लिया।
गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन मछार कॉकपिट का दरवाजा खोलने और हमलावर का मुकाबला करने में कामयाब रहे, जिससे यात्री और क्रू उसे काबू में कर पाए।
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