खार्तुम, एएफपी। संयुक्‍त राज्‍य अमेरिका, ब्रिटेन और नार्वे ने सूडान में नागरिक शासन की वकालत करते हुए सैन्‍य शासकों से इसकी पहल की अपील की है। तीनों देशों ने संयुक्‍त रूप से वार्ता शुरू करने के लिए यहां के सैन्‍य शासन से आग्रह किया है। तीनों देशों ने कहा है कि सूडान की नई सत्‍तारूढ़ सैन्‍य परिषद ने एक निर्वाचित सरकार को सत्‍ता हस्‍तांरित करने का वादा किया था, लेकिन यहां के नागरिकों ने अभी तक इसकी मांग नहीं की है। अमेरिका की इस प्रतिक्रिया के बाद सूडान के सैन्‍य शासन ने वाशिंगटन में अपने राजदूत मोहम्‍मद अता को बर्खास्‍त करने का फैसला लिया है। सैन्‍य परिषद के प्रवक्‍ता लेफ्‍िटनेंट जनरल शमशेल्‍डीन कबाशी ने कहा है कि अमेरिका में सूडान के राजदूर अता को बर्खास्‍त किया गया है।
तीनों देशों के दूतावासों ने कहा है कि सूडान के लिए यह संक्रमणकालीन समय है। दूतावासों ने कहा कि सैन्‍य परिषद और अन्‍य सभी पक्षों को देश में नागरिक शासन के बदलाव के लिए वार्ता करने का उचित समय है। तीनों देशों ने कहा कि यह वार्ता विश्‍वसनीय रूप से और तेजी से किया जाना चाहिए।

वार्ता में विरोधी दलों के नेता, राजनीतिक विपक्ष, नागरिक समाज संगठन और महिला संगठनों को हिस्‍सा लेना चाहिए। तीनों देशों ने यह भी जोर दिया कि निरंतर शांतिपूर्ण विरोधी प्रदर्शन में हिंसा का कोई स्‍थान नहीं होना चाहिए। 
दूतावास ने कहा कि व्‍यवस्‍था में बदलाव के लिए एक तय समय में चुनाव कराया जाना चाहिए। इसके साथ राजनीतिक कैदियों की रिहाई पर भी जोर दिया गया। दूतावास ने पूर्व में सेना द्वारा हिंसा की निंदा की है। बता दें कि उमर अल बशीर ने 30 वर्षों तक सूडान पर शासन किया। गुरुवार को मौजूदा सत्‍ता के विरोध एवं प्रदर्शन के बीच सेना ने सूडान की सत्‍ता अपने हाथ में ले लिया था।
 

 

Posted By: Ramesh Mishra

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