काबुल, एजेंसियां। अफगान सरकार और तालिबान में जिलों पर कब्जे को लेकर लड़ाई तेज हो गई है। देश के 80 जिले ऐसे हैं जहां अफगान बलों और आतंकियों के बीच सीधे संघर्ष हो रहा है। यहां पिछले 24 घंटों के दौरान 100 से ज्यादा आतंकवादी मारे गए है जबकि सुरक्षा बलों ने अपने 90 साथियों को भी गंवा दिया है। मरने वालों का आंकड़ा मीडिया में दिया गया है। आधिकारिक रूप से संख्या को लेकर तालिबान व अफगान सरकार दोनों ने ही कोई टिप्पणी नहीं की है।

संघर्ष में दौलताबाद के फरयाब जिले पर दोनों ही कब्जे का दावा कर रहे हैं। रक्षा मंत्रालय के अनुसार जिन जिलों पर तालिबान ने कब्जा किया था, उनको फिर अपने कब्जे में लिया जा रहा है। कुंदुज प्रांत के खानाबाद जिले को फिर कब्जे में ले लिया गया है। इस पर दो दिन पहले तालिबान ने कब्जा कर लिया था। फरयाब जिले में तालिबान से संघर्ष में अफगान सेना की स्पेशल यूनिट के 23 कमांडो मारे गए हैं। इस संघर्ष में छह पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।

सांसद अब्दुल सत्तार हुसैनी ने कहा है कि कई स्थानों पर पाकिस्तान के पंजाब प्रांत और ईरान से आए लड़ाके तालिबान के साथ मिलकर अफगान सेना से संघर्ष कर रहे हैं। गौरतलब है कि यह संघर्ष ऐसे वक्‍त में हो रहा है जब अमेरिकी और नाटो सैनिकों की वापसी हुई है। हालांकि अमेरिका का साफ कहना है कि वह अलकायदा आतंकी समूह को अफगानिस्‍तान में खुला मैदान नहीं देगा। अमेरिका अफगानिस्तान में इस्लामिक स्टेट और अलकायदा आतंकी समूहों पर दबाव बनाए रखेगा...

हाल ही में संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि तालिबान अमेरिकी सैनिकों की वापसी के बाद अब अफगानिस्तान पर नियंत्रण पाने के लिए तैयार है। मालूम हो कि 11 सितंबर तक अंतरराष्ट्रीय सैनिकों की वापसी पूरी होनी है। अमेरिकी मध्‍य कमांड के कमांडर केनेथ मैकेंजी (Kenneth McKenzie) ने बीते दिनों कहा था कि अमेरिका अफगानिस्तान में इस्लामिक स्टेट (Islamic State, IS) और अलकायदा आतंकी समूहों पर दबाव बनाए रखने की कोशिश करेगा।