फ्रांस में हिंसक प्रदर्शन: कई नागरिक इमारतों को फूंका, प्रशासनिक भवनों में जबरन घुसी भीड़
फ्रांस में शनिवार को महंगाई और ऊंचे दामों के खिलाफ देशभर में हुए प्रदर्शनों के दौरान हिंसक झड़पें हुईं। प्रदर्शनकारियों ...और पढ़ें

ल्योन शहर में प्रदर्शनकारियों ने एक पर्यटक कार्यालय में आग लगा दी
HighLights
फ्रांस में बढ़ती महंगाई को लेकर हजारों लोग सड़कों पर उतरे
पेरिस, मार्सिले, रेनेस, टूलूज और एंगर्स जैसे शहरों में हिंसा की घटनाएं सामने आईं
हाल के वर्षों में सबसे हिंसक प्रदर्शनों में से एक के दौरान 272 लोग गिरफ्तार
डिजिटल डेस्क, पेरिस। फ्रांस में शनिवार को महंगाई और ऊंचे दामों के खिलाफ देशभर में हुए प्रदर्शनों के दौरान हिंसक झड़पें हुईं। प्रदर्शनकारियों ने कई शहरों में इमारतों को आग लगाई और टाउन हॉल में तोड़फोड़ की। पुलिस ने आंसू गैस और पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया।
हजारों लोग सड़कों पर उतरे। पेरिस और अन्य बड़े शहरों में पुलिस व प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें हुईं, जिससे आग और आंसू गैस का धुआं छा गया। ये प्रदर्शन राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की जगह लेने वाले चुनावों से पहले हो रहे हैं।
फ्रांस में बढ़ती महंगाई को लेकर हजारों लोग सड़कों पर उतरे, पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प https://t.co/eF88XTJ72M
— Jeet Govind Sarkar (@Jeetsarkar_) October 17, 2026
गृह मंत्रालय के अनुसार, 272 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पेरिस, मार्सिले, रेनेस, टूलूज और एंगर्स जैसे शहरों में नकाबपोश लोगों द्वारा हिंसा की घटनाएं सामने आईं।
इन घटनाओं में लूटपाट की कोशिश, पुलिस से टकराव, सड़क पर मौजूद चीजों में आग लगाना और सत्ता के केंद्रों तथा मीडिया संस्थानों को निशाना बनाना शामिल है। मंत्रालय ने इसके लिए "अल्ट्रा-लेफ्ट" समूहों को जिम्मेदार ठहराया है।
#BREAKING: फ्रांस में हालात हुए बेकाबू, हिंसक प्रदर्शनों में कई नागरिक इमारतों को फूंका, प्रशासनिक भवनों में जबरन घुसी भीड़। #France https://t.co/pGviWDsb4V
— दीपक गुप्ता 🇮🇳 (@deepakg111) October 17, 2026
ल्योन शहर में प्रदर्शनकारियों ने एक पर्यटक कार्यालय में आग लगा दी। ये विरोध प्रदर्शन पिछले महीने पेरिस के हाई स्कूलों से शुरू हुए थे। वहां शिक्षकों की कमी और खराब सुविधाओं को लेकर पनपा गुस्सा बाद में एक बड़े आंदोलन में बदल गया, जो असमानता, सरकारी खर्च और जीवन स्तर जैसे मुद्दों पर केंद्रित था।
शनिवार को पेरिस में भारी पुलिस बल तैनात था, खासकर चैंप्स-एलिसीज और आर्क डी ट्रायंफ जैसी मशहूर जगहों के पास। प्रदर्शनकारियों ने चमकीली जैकेटें पहन रखी थीं और सड़कों को जाम कर दिया था। यह नजारा येलो वेस्ट आंदोलन की याद दिलाता है, जो राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के पिछले कार्यकाल के दौरान हुआ था।
ब्रसेल्स में भी पुलिस और प्रदर्शनकारी आमने-सामने
ब्रसेल्स में भी शनिवार को सैकड़ों लोगों (ज्यादातर युवा) ने विरोध प्रदर्शन किया। कुछ प्रदर्शनकारी पुलिस से भिड़ गए। यह कुछ हद तक फ्रांस में हो रहे प्रदर्शनों से प्रेरित थी।
बेल्जियम के छात्र समूहों का कहना है कि वे शिक्षा की बढ़ती लागत और ऐसे सुधारों का विरोध कर रहे हैं, जिनसे उन्हें डर है कि उच्च शिक्षा तक पहुंच और मुश्किल हो जाएगी। कई प्रदर्शनकारियों ने मास्क पहन रखा था।
पुलिस ने आंसू गैस और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। बेल्जियम के गृह मंत्री बर्नार्ड क्विंटिन ने कहा कि जो हो रहा है, वह अब केवल विरोध प्रदर्शन नहीं रह गया है और दंगाइयों से निपटने और व्यवस्था बहाल करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे।"
