हनोई, रायटर। वियतनाम के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को रूसी सीओवीआईडी -19 वैक्सीन खरीदने के लिए पंजीकृत किया गया है। राज्य टेलीविजन ने बुधवार को पुष्ट करते हुए बताया कि दक्षिण पूर्व एशियाई देश में काफी समय से कोरोना वायरस का कोई नया मामला सामने नहीं आया था। हालांकि, अब एक बार फिर नए मामले सामने आ रहे हैं। राज्य प्रसारक वियतनाम टेलीविजन (VTV) ने कहा कि रूस से टीके की पेशकश के बावजूद देश अपनी COVID-19 वैक्सीन विकसित करना जारी रखेगा। वियतनाम में अब तक कोरोना वायरस से 21 मौते हुई है। वहीं, देश में अब तक कुल 911 संक्रमण मामले की सूचना मिली है।

कोविड-19 महामारी से निजात पाने के लिए वैक्सीन विकसित करने की दिशा में रूस सबसे आगे रहा। बीते दिनों देश ने दुनिया की पहली कोरोना वैक्सीन बनाए जाने का दावा किया। हालांकि, उस वैक्सीन पर काफी सवाल उठाए जा रहे हैं, लेकिन मंगलवार को राष्ट्रपति ब्लादीमिर पुतिन ने रूस में बनी वैक्सीन को बिलकुल सुरक्षित बताया। राष्ट्रपति ने बताया था कि इस वैक्सीन की पहली डोज जिन्हें दी गई है उनमें उनकी बेटी भी शामिल है। साथ ही यह भी बताया था कि अब तक 20 देशों से लाखों वैक्सीन के लिए ऑर्डर भी आ चुका है।

राष्ट्रपति पुतिन ने बताया था कि उनकी एक बेटी ने इस वैक्सीन का डोज भी लिया है। मंगलवार को एक मीटिंग में उन्होंने यह जानकारी दी। राष्ट्रपति ने बताया था कि परीक्षणों में यह वैक्सीन प्रभावी साबित हुई है और यह कोरोना वायरस से इम्युनिटी विकसित करने में कारगर है। राष्ट्रपति पुतिन ने इस बात पर जोर दिया था कि वैक्सीन के लिए कई आवश्यक परीक्षण किए गए। उन्होंने आगे यह भी बताया था उनकी दो बेटियों में से एक ने इस वैक्सीन का डोज लिया और उसे कोई साइड इफेक्ट नहीं है वह बिल्कुल ठीक है।

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