कराकस, एएनआइ। निकोलस मदुरो ने वेनेजुएला Venezuela के राष्ट्रपति पद पर गुरुवार को दूसरी बार शपथ ली। वे इस पद पर 2019 से 2025 तक बने रहेंगे। सूत्रों के अनुसार मदुरो ने सर्वोच्च न्यायालय के अंदर वेनेजुएला के संविधान के अनुच्छेद 231 के तहत शपथ लिया। बता दें कि यहां को नेशनल असेंबली (संसद)पर विपक्ष का नियंत्रित है। इस कारण से इसे देश की राजनीति से बाहर रखा गया है।  

पिछले साल मई में हुए राष्ट्रपति चुनाव पर अनियमितता और बड़े पैमाने पर हिंसा के आरोप लगे थे। इससे पहले यूरोपीय संघ की विदेशी प्रवक्ता फेडेरिका मोगेरिनी ने कहा कि यूरोपीय संघ और उसके सदस्य वेनेजुएला के राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण समारोह में प्रतिनिधियों को नहीं भेजेंगे।

मई 2018 में चुनाव को लेकर वेनेजुएला के लोगों पर लगाए गए अनियमितता और बड़े पैमाने पर हिंसा के आरोप को लेकर अमेरिकी विदेश विभाग ने बयान जारी कर इसकी निंदा की। बयान में कहा गया कि अमेरिका, वेनेजुएला के लोगों के साथ खड़ा है और वेनेजुएला में लोकतंत्र की बहाली के लिए वो आर्थिक और कूटनीतिक शक्ति का इस्तेमाल जारी रखेगा। 

'आज, हम वेनेजुएला की नेशनल असेंबली के लिए अपना समर्थन दोहराते हैं, जो वेनेजुएला की जनता द्वारा चुनी गई सरकार की एकमात्र वैध शाखा है'। बयान में यह भी कहा गया कि वेनेजुएला के लिए एक परिवर्तन प्रक्रिया शुरू करने का समय है, जो वेनेजुएला के लोगों की इच्छा का सम्मान करते हुए स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराकर संवैधानिक,लोकतांत्रिक व्यवस्था को बहाल कर सकती है।

Posted By: Tanisk