हांगकांग, एपी। नए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून को लेकर हांगकांग में अमेरिका के शीर्ष राजनयिक ने चीन पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोगों की मौलिक स्वतंत्रता को छीनने और जबरदस्ती व आत्मनियंत्रण का माहौल बनाने के लिए नए कानून का प्रयोग करना एक त्रासदी है। हांगकांग और मकाऊ में अमेरिकी महावाणिज्य दूत हैंसकम स्मिथ ने संवाददाताओं से कहा कि हांगकांग प्रमुख रूप से अपने खुलेपन को लेकर सफल रहा है और हम उसे बरकरार रखने के लिए कुछ भी करेंगे।

दरअसल, हांगकांग में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बाद पिछले हफ्ते राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लागू किया गया था। यह कानून अलगाववादी, विध्वंसक या आतंकवादी गतिविधियों के साथ ही शहर के आंतरिक मामलों में विदेशी हस्तक्षेप को अवैध बनाता है। इस कानून के तहत शहर की स्वतंत्रता की मांग के लिए नारे लगाना, पोस्टर दिखाना और झंडे लहराना जैसी गतिविधियां इस कानून के तहत उल्लंघन मानी जाएंगी भले ही इस दौरान हिंसा हुई हो या नहीं।

कानून के प्रभावी होने के बाद से सरकार ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि प्रदर्शन के दौरान लगाए जाने वाले 'हांगकांग को आजाद करो', 'हमारे समय की क्रांति' जैसे नारों से अलगाववाद का संकेत मिलता है, इसलिए इस तरह के नारे लगाना अपराध है। हांगकांग के सार्वजनिक पुस्तकालयों से लोकतंत्र समर्थक लोगों द्वारा लिखी गई पुस्तकों को हटा लिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि नये कानून के मद्देनजर वे पुस्तकों की समीक्षा कर रहे हैं।

कानून लागू होने के साथ हांगकांग में विरोध प्रदर्शन और धरपकड़ शुरू

हांगकांग में कानून आने के पहले दिन ही हांगकांग में 370 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया। ये लोग लोकतंत्र के समर्थन में निकाले गए मार्च में शामिल हुए थे। बता दें कि यह मार्च हर साल 01 जुलाई को निकाला जाता है। इसी दिन साल 1997 में ब्रिटेन ने इस शर्त के साथ चीन को हांगकांग सौंपा था कि वह इसकी स्वायत्तता और नागरिक अधिकारियों को बनाए रखेगा। 

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