सौसा [ एजेंसी]। अमेरिका समर्थित कुर्द नेतृत्‍व वाली सेना ने सीरिया में इस्‍लामिक स्‍टेट के खिलाफ सैन्‍य अभियान शुरू कर दिया है। एक सैनिक प्रवक्‍ता का कहना है कि हमारी सेना आतंकवादियों से उ‍नके अंतिम गढ़ में मोर्चा ले रही है। इसका लक्ष्‍य आइएसआइएल के अंतिम किले का खत्‍म करना है। प्रवक्‍ता का कहना है कि आइएसआइएल विद्रोहियों को आत्‍मसमर्पण करने का समय दिया गया था। लकिन अब यह अवधि समाप्‍त हो चुकी है। इसलिए सेना ने अंतिम विकल्‍प के रूप में सैन्‍य अभियान शुरू किया है।

सीरिया के बागूज गांव को कुर्द और अरब सेनाओं ने घेरा हुआ है। इससे पहले सेना ने यहां घिरे इस्‍लामिक स्‍टेट के लड़ाकों के परिजनों को बाहर निकलने का अंतिम मौका देते हुए अपने अभियान पर विराम लगा दिया था। बता दें कि यह इस्‍लामिक स्‍टेट समूह का आखिरी ठिकाना है। यह माना जा रहा है कि अभी यहां काफी संख्‍या में लड़ाके हो सकते हैं। इसलिए यह जंग गंभीर हो सकती है। उधर, स‍ीरियन डेमोक्रैटिक सैन्‍य बल ( एसडीएफ ) का दावा है कि आइएसआइएस के खिलाफ लगातार कामयाबी मिल रही है। इस सैन्‍य बल का कहना है कि उनके लड़ाके ने कहा कि वह इस्‍लामिक कैंप तक पहुंचने में कामयाब हुए हैं।

एसडीएफ के प्रवक्‍ता मुस्‍तफा बाली ने भी अपने लड़ाकों के कामयाब रहने की बात कही है। उन्‍होंने कहा कि इस सैन्‍य अभियान में इस्‍लामिक स्‍टेट और उसके लड़ाकों को काफी क्षति हुई है। बाली ने कहा कि अंतरराष्‍ट्रीय गठबंधन सेनाओं ने इस्‍लामिक स्‍टेट के गोला बारूद पर बमबारी के साथ टैंकों से भी हमला किया है। एसडीएफ के प्रवक्‍ता ने कहा कि इस अभियान में बड़ी संख्‍या में आतंकवादियों की मौत हुई है। इस हमले में कई आतंकी जख्‍मी भी हुए हैं। हालांकि, उन्‍होंने कहा मरने वालों की संख्‍या का अनुमान लगा पाना मुश्किल है, लेकिन शायद इस गांव में 1000 से अधिक आतंकी रहते हों।
 

Posted By: Ramesh Mishra