संयुक्‍त राष्‍ट्र। कोविड-19 की कोई कारगर वैक्‍सीन भले अब तक तैयार नहीं हो सकी है लेकिन इसको लेकर संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियां पूरी तैयारी में जुटी हैं। संयुक्‍त राष्‍ट्र बाल कोष (UNICEF) ने इस बीच वैक्सीन के तुरंत, सुरक्षित और दक्षतापूर्ण वितरण के लिए जरूरी प्रक्रिया को मूर्त रूप देना शुरू कर दिया है। इन तैयारियों के तहत इंजेक्शन के लिये 50 करोड़ से ज्‍यादा सिरींज और अन्य जरूरी उपकरणों की खरीदारी और इनके स्‍टोरेज की व्यवस्था को पुख्‍ता बनाया जा रहा है। यूनिसेफ का कहना है कि इसके 50 करोड़ से लेकर आने वाले वर्ष में एक अरब तक होने की संभावना है। आसान शब्‍दों में इसको ऐसे समझा जा सकता है कि संयुक्‍त राष्‍ट्र की एजेंसी यूनिसेफ उस वक्‍त के लिए अपनी तैयारी को पुख्‍ता कर रही है जब कोविड-19 के खिलाफ कारगर दवा तैयार हो जाएगी और इसको तुरंत पूरी दुनिया में लोगों तक पहुंचाया जाएगा। इसके लिए करीब 1 अरब तक सिरींज की जरूरत होगी।

यूनीसेफ और उसके दूसरे साझीदार संगठन, ग्लोबल वैक्सीन एलायंस (GAVI) और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के साथ मिलकर इस काम को अंजाम देने में लगे हैं। जैसे ही कोविड-19 की संभावित किसी वैक्सीन के सभी टेस्टिंग प्रक्रिया में सफल होने की पुष्टि हो जाती है और उसके इस्तेमाल की अनुमति के साथ इसका लाइसेंस भी हासिल हो जाता है तो पूरी दुनिया को इंजेक्शन के लिये वैक्सीन की खुराकों के बराबर संख्या में ही सिरींज की आवश्यकता होगी। फिलहाल यूनीसेफ इसको ध्‍यान में रखते हुए इस वर्ष के अंत तक अपने वेयरहाउस में करीब 52 करोड़ सिरींज जमा करने की व्यवस्था पर काम कर रहा है। इसकी क्षमता वर्ष 2021 में बढ़ाकर एक अरब तक करने की योजना है। ऐसा करके शुरुआती आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी और यह भी सुनिश्चित किया जा सकेगा कि कोविड-19 वैक्सीनों की खुराक आने से पहले ये सिरींज विभिन्न देशों में पहुंचाई जा सके।

यूनीसेफ की कार्यकारी निदेशक हेनरीएटा फोर का कहना है कि कोविड-19 के खिलाफ दुनिया भर में टीकाकरण अभियान मानव इतिहास के विशालतम प्रयासों में से एक होगा, और इसके लिये हमें उतनी तेजी से हरकत में आने की आवश्यकता है जिस गति से खुराक तैयार की जाएगी। बाद में तेजी से आगे बढ़ने के लिये हमें अभी तेजी से आगे बढ़ना होगा। इस वर्ष के अंत तक हमारे पास 50 करोड़ सिरींज पहले से ही उपलब्ध होंगी जिन्हें किफायती ढंग से जल्दी तैनात किया जा सकेगा। यूनीसेफ का मानना है कि वर्ष 2021 में कोविड-19 की पर्याप्त संख्या में खुराक उपलब्ध हों जाएंगी और कोविड-19 टीकाकरण अभियान के लिये एक अरब सिरींज का वितरण किया जाएगा। यह संख्या उन 62 करोड़ सिरींज के अतिरिक्त होगी जिनकी खरीदारी खसरा, टायफाइड सहित अन्य टीकाकरण अभियानों के लिये की जाती है।

सिरींज के अलावा, यूनीसेफ 50 लाख सेफ्टी बॉक्‍स भी खरीदने की तैयारी कर रहा है। इनके जरिये सिरींज और निडिल्‍स स्वास्थ्य केंद्रों पर सुरक्षित ढंग से कचरे में फेंकी जा सकें। हर एक डिब्बे में 100 सिरींज रखी जा सकेंगी और इससे अनजाने में सुइयों से होने वाले जख्‍मों या खून से फैलने वाली बीमारियों से बचा सकेगा। सिरींज सहित अन्य जरूरी सामग्री को पांच साल तक इस्तेमाल के लिये रखा जा सकता है। इनको समुद्र के रास्‍ते दूसरे देशों में भेजा जाएगा। वहीं इसके उलट वैक्सीन की खुराकों को सही तापमान में सुरक्षित रखे जाने की जरूरत होती है जिसके लिये वायु मार्ग से ही उनका आम तौर पर वितरण किया जाता है। सिरींज और सेफ्टी बॉक्स शुरू में ही खरीदने से बाजार पर पड़ने वाला दबाव किया जा सकेगा और मांग में आने वाली अचानक बढ़ोत्तरी को टालने में भी मदद मिलेगी।

आपको बता दें कि यूनीसेफ पहले से ही दुनिया में सबसे बड़े पैमाने पर वैक्सीन का अकेला खरीदार है। नियमित टीकाकरण अभियानों और बीमारियों के फैलाव को रोकने के लिये यूनीसेफ लगभग 100 देशों की ओर से प्रतिवर्ष वैक्सीन की दो अरब खुराक खरीदता है। कोविड-19 वैक्सीन आने के बाद यह संख्या तीन या चार गुणा बढ़ने की संभावना है। यूनीसेफ हर वर्ष दुनिया भर में बच्चों की करीब आधी आबादी तक वैक्सीन पहुंचाता है और नियमित टीकाकरण कार्यक्रमों के लिये 60-80 करोड़ सिरींज की खरीदारी व आपूर्ति की जाती है। वैक्सीन की खुराक को सही तापमान पर सुरक्षित रखने और उनके परिवहन के लिये यूनीसेफ और यूएन स्वास्थ्य एजेंसी मौजूदा शीत भण्डारण उपकरणों और अन्य क्षमताओं की समीक्षा कर रहे हैं, और इसके लिये जरूरी दिशानिर्देश तैयार किये जा रहे हैं। 

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