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संयुक्त राष्ट्र अपना रिकॉर्ड सुधारे, पाकिस्तान में रहता है अंडरवर्ल्ड सरगना दाऊद, भारत ने यूएन को दी नसीहत

Published: Fri, 23 Oct 2026 07:31 AM (GMT+05:30)

भारत ने संयुक्त राष्ट्र (यूएन) की रिपोर्ट में अंडरवर्ल्ड सरगना दाऊद इब्राहिम के नेतृत्व वाली डी-कंपनी को ‘भारत स्थित’ आपराधिक ...और पढ़ें

संयुक्त राष्ट्र अपना रिकॉर्ड सुधारे, पाकिस्तान में रहता है अंडरवर्ल्ड सरगना दाऊद- भारत

संयुक्त राष्ट्र अपना रिकॉर्ड सुधारे, पाकिस्तान में रहता है अंडरवर्ल्ड सरगना दाऊद- भारत

HighLights

  1. डी-कंपनी को ‘भारत स्थित’ का विरोध, विशेष प्रतिवेदक की रिपोर्ट में तथ्यात्मक गलतियों का आरोप

  2. भारत ने संयुक्त राष्ट्र को दी नसीहत, आतंकियों की सूची और रिकॉर्ड में सुधार करने की उठाई मांग

पीटीआई, संयुक्त राष्ट्र। भारत ने संयुक्त राष्ट्र (यूएन) की रिपोर्ट में अंडरवर्ल्ड सरगना दाऊद इब्राहिम के नेतृत्व वाली डी-कंपनी को ‘भारत स्थित’ आपराधिक समूह बताए जाने पर कड़ा विरोध जताया है।

नई दिल्ली ने इसे तथ्यात्मक गलती करार देते हुए कहा, ऐसी चूक से वैश्विक संस्था की विश्वसनीयता को क्षति पहुंचती है। भारत ने दोहराया कि दाऊद पाकिस्तान में रह रहा है, ठीक उसी तरह जैसे अलकायदा का सरगना ओसामा बिन लादेन वहां छिपा था।

यूएन में भारत के प्रथम सचिव रघु पुरी ने बुधवार को महासभा की तीसरी समिति में आतंकवाद से मुकाबले के दौरान मानवाधिकारों के संरक्षण पर विशेष प्रतिवेदक बेन साल की रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए यह मुद्दा उठाया।

पुरी ने कहा, विशेष प्रतिवेदकों की रिपोर्ट में तथ्यात्मक गलतियां पर जवाबदेही तय नहीं होना गंभीर चिंता का विषय है।

1993 के मुंबई हमलों के बाद से वांछित है दाऊद

रघु पुरी ने कहा, दाऊद इब्राहिम व उसके आपराधिक नेटवर्क को लेकर रिपोर्ट का विवरण वास्तविक स्थिति से मेल नहीं खाता। दाऊद 1993 के मुंबई बम धमाकों के मामले में भारत में वांछित है।

वह 2003 में संयुक्त राष्ट्र की प्रतिबंध सूची में शामिल किए जाने से काफी पहले भारत छोड़ चुका था। पुरी के मुताबिक, उसे अलकायदा व ओसामा बिन लादेन से संबंधों के कारण सूचीबद्ध किया गया था।

भारत ने कहा, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की प्रतिबंध व्यवस्था में दर्ज तथ्यों को अधूरा प्रस्तुत करने से गलत तस्वीर बनती है। पुरी ने चेताया कि आतंकवाद के प्रायोजक अपने कृत्यों को सही ठहराने के लिए मानवाधिकारों व आतंकवाद-रोधी व्यवस्था का सहारा नहीं ले सकते। कहा, आतंकवाद को किसी हालात में सही नहीं ठहराया जा सकता।