अमेरिकी मदद के बिना भी दमखम से लड़ सकता है यूक्रेन, पढ़िए कहां से मिलेंगे हथियार, कौन देगा साथ?
अमेरिका की मदद के बिना यूक्रेन चंद दिनों तक ही रूस का सामना कर सकता है। अमेरिका ने यूक्रेन की सैन्य मदद रोक दी है। इसके बावजूद यूक्रेन रूस से लंबी जंग लड़ सकता है। सवाल यह है कि इसके लिए उसे सैन्य सहायता और साथ कौन देगा? पढ़िए किस तरह यूक्रेन रूस से अभी भी लंबी जंग लड़ सकता है। कौन उसकी मदद कर रहे हैं।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की हाल ही में अमेरिका यात्रा पर गए और व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मिले। इस दौरान प्रेस कॉन्फ्रेंस में बहस हुई, उसके बाद अमेरिका ने सैन्य हथियारों की मदद रोक दी है।
ट्रंप और जेलेंस्की की बहस के दौरान ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका मदद न करे तो एक सप्ताह भी रूस के सामने यूक्रेन नहीं टिक सकता है। हालांकि सच तो यह है कि अमेरिकी मदद के बिना भी यूक्रेन लंबे समय तक रूस से जंग लड़ सकता है। पढ़िए इसके लिए उसके पास हथियार कैसे आएंगे, कौन साथ देगा।
ट्रंप द्वारा यूक्रेन की सैन्य मदद रोकने के बाद यूरोपीय देश यूक्रेन की मदद के लिए आगे आए हैं। फ्रांस के राष्ट्रपति इमानुएल मैक्रों ने तो हाल ही में ट्रंप से मुलाकात के दौरान यह कहने से नहीं चूके थे कि अमेरिका से ज्यादा यूक्रेन की मदद यूरोप कर रहा है। दरअसल, यूरोप अब यूक्रेन की और मदद करने के लिए सहमत हो गया है।
अमेरिका से कितनी ज्यादा मदद यूरोपीय देशों ने की?
आंकड़ों के लिहाज से देखा जाए तो अमेरिका ने 123 अरब डॉलर की मदद अब तक की जंग में यूक्रेन को दी है। वहीं यूरोपीय देश तो अमेरिका से भी आगे हैं। यूरोप के देशों द्वारा सम्मिलित रूप से 142 अरब डॉलर की मदद अब तक यूक्रेन को की जा चुकी है।
जंग के लिए इन तीन देशों ने यूक्रेन को भरपूर धन दिया
यूरोप में सबसे ज्यादा मदद जर्मनी ने की है। अब तक जर्मनी की ओर से 30 अरब डॉलर की भारी भरकम मदद यूक्रेन को की जा चुकी है। वहीं ब्रिटेन ने साढ़े 15 अरब डॉलर, फ्रांस ने 15 अरब डॉलर की मदद की है। यूरोपियन यूनियन की मदद भी इसमें शामिल है।
अमेरिका ने यूक्रेन को की 16 लाख करोड़ रुपये की मदद
- अमेरिका की मदद पर दृष्टि डालें तो अमेरिका ने अक्टूबर 2021 से 2024 के बीच करीब 183 अरब डॉलर यानी करीब 16 लाख करोड़ रुपये की मदद की है।
- अमेरिकी सरकार की प्रेस रिलीज के मुताबिक अमेरिका ने यूक्रेन को 20 जनवरी 2025 तक 6.9 मिलियन डॉलर की सैन्य मदद की। रुपयों में यह राशि करीब 60 हजार करोड़ रुपये होती है।
- यूक्रेन को 4.65 बिलियन डॉलर यानी भारतीय रूपयों में 40.6 हजार करोड़ की सहायता मिली है। एफएमएफ यानी फॉरेन मिलिट्री फाइनेंसिंग के जरिए दी है।
अमेरिकी मिसाइलों ने यूक्रेन को दी ताकत
अमेरिका ने यूक्रेन को मिसाइलें, वायु रक्षा प्रणाली, तोप, बुलेट, रेडियो, इंफैंटरी व्हीकल व अन्य रक्षा उपकरण दिए। अमेरिका ने जो बाइडेन के समय यूक्रेन को जो पैट्रियट मिसाइलें दीं, उससे रूस को काफी नुकसान पहुंचा। इसके अलावा अमेरिका ने नासमस हॉक और एवेंजर जैसी वायु रक्षा प्रणालियां भी दी हैं। इसके अलावा उन्नत रॉकेट लॉन्चर स्टिंगर एयरक्राफ्ट मिसाइल व एंटी टैंक मिसाइलें भी यूक्रेन को मिलीं।
यूरोपीय देशों ने किया यूक्रेन को सैन्य सहायता का एलान
लंदन में तीन दिन पहले आयोजित सम्मेलन में यूरोपीय देशों के राष्ट्राध्यक्षों ने मिलकर तय किया कि जेलेंस्की का पूरा साथ दिया जाएगा। ब्रिटिश पीएम कीर स्टार्मर ने 5 हजार से ज्यादा एयर डिफेंस मिसाइलों के लिए 17.4 हजार करोड़ रुपये की मदद का एलान किया। स्टार्मर ने कहा कि जेलेंस्की को मदद मिलती रहेगी।
यूरोपीय देशों से यूक्रेन को मिले एस 300 और खतरनाक टैंक
जर्मनी के नए चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने यूक्रेन को और सैन्य मदद के संकेत दिए हैं। ब्रिटेन ने भी 2 अरब डॉलर की डिफेंस मिसाइलों का आर्डर दिया है। यूरोपीय देशों ने यूक्रेन को 2K12 केयूबी मिसाइलें दी हैं। साथ ही एस 300 जो कि खतरनाक एयर डिफेंस सिस्टम है, वो भी दिया है। फिर भी ये अमेरिकी पैट्रियट मिसाइल सिस्टम का विकल्प नहीं हैं।
यूक्रेन पर यू-टर्न लेंगे ट्रंप?
विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिकी की ओर से सैन्य सहायता रोके जाने से यूक्रेन कमजोर जरूर पड़ जाएगा, लेकिन यूरोपीय देशों की मदद से कई महीनों की जंग रूस के साथ लड़ सकता है। वैसे ट्रंप ने सैन्य सहायता भी अस्थाई तौर पर रोकी है। यदि, अमेरिका को यूक्रेन जरूरी मिनिरल्स की सप्लाई कर देता है, तो ट्रंप अपने फैसले पर यू टर्न भी ले सकते हैं।

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