अबूधाबी, आइएएनएस। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के विदेश और अंतरराष्ट्रीय सहयोग मामलों के मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जाएद अल नाह्यान ने शुक्रवार को अबूधाबी में बन रहे पहले हिंदू मंदिर के निर्माण कार्य को मौके पर जाकर देखा। उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति की भी जानकारी ली। इस मंदिर की आधारशिला अप्रैल 2019 में रखी गई थी और इसका निर्माण कार्य 2022 में पूरा होना है।

मंदिर स्थल के निरीक्षण के समय शेख अब्दुल्ला ने स्वामी नारायण संस्था के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। यही संस्था मंदिर का निर्माण करा रही है जबकि मुस्लिम देश में जमीन सरकार ने आवंटित की है। यूएई के विदेश मंत्री ने इस दौरान स्थानीय हिंदू संत ब्रह्मबिहारी स्वामी से निर्माण के संबंध में चर्चा की।

स्वामी जी ने शेख अब्दुल्ला को मंदिर निर्माण की बारीकियों और हिंदू धर्म की मान्यताओं से अवगत कराया। बताया कि किस तरह से हजारों साल पुरानी सभ्यता के अनुरूप मंदिर का निर्माण किया जाता है और उसकी पवित्रता बनाई जाती है। कहा, कोविड महामारी के दौर में इस तरह की परियोजना वैश्विक सौहार्द, आशा और विश्वास बढ़ाती है। हिंदू संत ने आशा जताई कि यह मंदिर भारत और यूएई की विकास और शांति आधारित दोस्ती को और मजबूत करेगा। इस दौरान यूएई में भारत के राजदूत पवन कपूर भी मौजूद थे। उन्होंने आशा जताई कि तैयार होने वाला मंदिर यूएई और खाड़ी के देशों में रहने वाली हिंदू आबादी के लिए श्रद्धा का केंद्र बनेगा।

गौरतलब है कि यूएई में लगभग 26 लाख भारतीय रहते हैं, मतलब वहां की आबादी का 30 फीसद हिस्सा। जानकारी के लिए बता दें कि इस मंदिर की फंडिंग प्राइवेट तौर पर की जा रही है। मंदिर का निर्माण अबू धाबी के प्रिंस शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान द्वारा उपहार में दी गई 55,000 वर्ग मीटर जमीन पर किया जा रहा है। इसके अलावा यूएई सरकार ने इतनी ही जमीन मंदिर परिसर में पार्किंग सुविधा के निर्माण के लिए दी है।

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