इस्तांबुल, एएफपी। तुर्की के राष्ट्रपति रसेप तैयब एर्दोगान (Recep Tayyip Erdogan) ने कहा है कि तुर्की सीरिया के कथित कुर्द चरमपंथियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखेगा। यही नहीं उन्‍होंने (कार्रवाई रोकने की) अमेरिका की सलाह को ‘धमकी’ करार दिया। उन्होंने कहा कि यह बात कोई मायने नहीं रखती कि लोग क्या कह रहे हैं। कुछ भी हो जाए तुर्की अपनी कार्रवाइयों से पीछे नहीं हटेगा। वहीं पेंटागन ने आरोप लगाया है कि अमेरिकी सेना शुक्रवार को तुर्की फौज द्वारा की जा रही फायरिंग की जद में आ गई थी।

अमेरिकी रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक, शुक्रवार को तुर्की की ओर से सीरियाई शहर कोबानी में किए गए हमले की चपेट में अमेरिकी सैनिक भी आ गए। हालांकि, इस हमले में कोई भी घायल नहीं हुआ है। बयान में कहा गया है कि तुर्की सेना की ओर से किया गया विस्फोट अमेरिकी सेना के सुरक्षा तंत्र क्षेत्र से कुछ मीटर दूर हुआ। हालांकि, इस हमले में कोई भी अमेरिकी सैनिक हताहत नहीं हुआ। 

वहींं संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में कहा गया है कि जारी लड़ाई के कारण उत्तरी सीरिया में लगभग एक लाख लोग अपना घरबार छोड़कर जा चुके हैं। यही नहीं बीते तीनों दिनों में तुर्की के हमले में कम से कम 11 नागरिकों और दर्जनों कुर्द लड़ाकों की मौत हो गई है।  संयुक्त राष्ट्र ने सीरिया के मौजूदा हालात पर चिंता जताई है। रिपोर्ट के मुताबिक, कई लोगों ने अल हासका और तल तामेर शहर के स्कूलों एवं अन्‍य इमारतों में शरण ली है।  

बता दें कि उत्तरी-पूर्वी सीरिया और तुर्की की सीमा वाले इलाके से अमेरिकी सैनिकों को हटाने के फैसले के बाद से क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। तुर्की की सेना ने कुर्द सैन्य बलों के खिलाफ हवाई हमला शुरू कर दिया है। इन हमलों को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि तुर्क और कुर्द सदियों से एक-दूसरे के लिए लड़ते आए हैं। इस बयान को अमेरिका में विपक्ष के नेता तुर्की को हरी झंडी देने के संकेत के तौर पर देख रहे हैं। कुर्द लड़ाकों ने सीरिया में आईएस के खिलाफ लड़ाई में अमेरिकी सेनाओं का साथ दिया था। 

Posted By: Krishna Bihari Singh

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