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अंकारा नाटो समिट में ट्रंप का धमाका: स्पेन से व्यापारिक रिश्ते तोड़ने की धमकी, ग्रीनलैंड पर फिर जताया हक

Published: Thu, 09 Jul 2026 02:00 AM (IST)

ट्रंप ने बुधवार को नाटो (उत्तर अटलांटिक संधि संगठन) शिखर सम्मेलन में सदस्य देशों के नेताओं को दो मसलों पर ...और पढ़ें

स्पेन और ग्रीनलैंड पर ट्रंप ने नाटो को किया हैरान (फोटो- रॉयटर)

स्पेन और ग्रीनलैंड पर ट्रंप ने नाटो को किया हैरान (फोटो- रॉयटर)

HighLights

  1. अमेरिकी राष्ट्रपति बोले- ग्रीनलैंड का हमारे लिए बड़ा महत्व

  2. ईरान युद्ध पर नाटो ने अमेरिका को बहुत निराश किया : ट्रंप

रॉयटर, अंकारा। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने बुधवार को नाटो (उत्तर अटलांटिक संधि संगठन) शिखर सम्मेलन में सदस्य देशों के नेताओं को दो मसलों पर हैरान कर दिया।

पहले उन्होंने स्पेन के साथ व्यापार बंद करने की घोषणा की और उसके बाद उन्होंने डेनमार्क के अंतर्गत आने वाले ग्रीनलैंड पर कब्जे की अपनी इच्छा फिर से जता दी।

यूक्रेन को लेकर ट्रंप ने कहा है कि वह उसे पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइल बनाने का लाइसेंस देंगे। इससे यूक्रेन को अपनी सुरक्षा करने में काफी मदद मिलेगी।

ट्रंप ने ईरान युद्ध में अमेरिका का साथ न देने के लिए स्पेन और अन्य नाटो सदस्य देशों की खिंचाई की और उन्हें भयावह सहयोगी देश बताया। कहा, ईरान युद्ध को लेकर नाटो के रुख ने उन्हें बहुत निराश किया है।

साथ ही वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट को स्पेन के साथ अमेरिकी व्यापार रोकने का निर्देश दिया। ट्रंप ने खासतौर से स्पेन को भयावह सहयोगी देश बताया जो न सहयोग करता है और न ही रक्षा पर खर्च करता है। इसलिए हम उसके साथ व्यापार नहीं करना चाहते हैं और न ही उसके साथ आवागमन का रिश्ता चाहते हैं।

जवाब में स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने कहा, ट्रंप के इस तरह के बयानों के बावजूद दोनों देशों का व्यापार पूर्व की भांति चल रहा है। यह व्यापार दोनों देशों के लिए लाभदायक है।

नाटो के मंच से ट्रंप ने ग्रीनलैंड लेने की इच्छा एक बार फिर जताई है। कहा, यह भूभाग अमेरिका के लिए बहुत महत्वपूर्ण है जबकि डेनमार्क के लिए उसका महत्व नहीं है।

तीखे जवाब में डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेट फ्रेडरिकसन ने कहा, ग्रीनलैंड किसी के कब्जे के लिए नहीं है। हम अपने देश और नाटो के सदस्य देशों की हर इंच जमीन की रक्षा के लिए तैयार हैं।

विदित हो कि नाटो के भीतर अमेरिका और स्पेन के बीच लंबे समय से टकराव की स्थिति बनी हुई है। स्पेन ने पहले अमेरिका की अपेक्षा के अनुसार रक्षा खर्च को एकदम से बढ़ाने से इनकार कर दिया।

इसी के बाद स्पेन ने ईरान युद्ध के दौरान अमेरिका को अपने सैन्य हवाई अड्डों और हवाई सीमा के इस्तेमाल से रोक दिया। इससे ट्रंप बुरी तरह से बौखला गए हैं।

स्पेन और ग्रीनलैंड को लेकर ट्रंप के रुख से तुर्किये की राजधानी अंकारा में हो रही समिट में शामिल नेता नई उधेड़बुन में लग गए हैं। ट्रंप का यह अप्रत्याशित रूख तब सामने आया है जब यूरोपीय देश यूक्रेन के समर्थन में नाटो के एकजुट होने का संदेश देना चाहते हैं।

इस बीच ट्रंप ने नाटो महासचिव मार्क रूट से सदस्य देशों के रक्षा खर्च बढ़ाने पर बात की है। रूट ने अमेरिका के अतिरिक्त बाकी 31 सदस्य देशों से चालू वर्ष में रक्षा खर्च 50 अरब डॉलर बढ़ाने पर बात की है जिससे अमेरिका पर सैन्य संगठन का आर्थिक बोझ कम हो सके।