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इजरायल चुनाव में ट्रंप की एंट्री, नेतन्याहू को फिर PM बनाने की अपील; गलत नेता चुनने पर किया अलर्ट

Published: Sun, 18 Oct 2026 10:11 PM (IST)

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने इजरायल में 27 अक्टूबर को होने वाले संसदीय चुनावों से ठीक पहले प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को अपना समर्थन दिया है।

ट्रंप ने नेतन्याहू को फिर PM बनाने की अपील की (फाइल फोटो)

ट्रंप ने नेतन्याहू को फिर PM बनाने की अपील की (फाइल फोटो)

HighLights

  1. ट्रंप ने इजरायल चुनाव में नेतन्याहू को पूर्ण समर्थन दिया।

  2. नेतन्याहू को महान योद्धा और शांति का बेहतर साझेदार बताया।

  3. नेतृत्व बदलने पर ईरान के खिलाफ अमेरिकी रुख पर असर पड़ेगा।

डिजिटल डेस्क, यरुशलम। इजरायल में 27 अक्टूबर को होने वाले संसदीय चुनावों से ठीक नौ दिन पहले अमेरिकी राष्ट्रपित डोनल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को अपना समर्थन दिया है। 2023 में हमास द्वारा किए गए भयानक हमले और उसके बाद छिड़े क्षेत्रीय संघर्ष के बाद इजरायल में यह पहला राष्ट्रीय चुनाव होने जा रहा है।

ट्रंप ने नेतन्याहू को अपना समर्थन देने के साथ उनके फिर से चुने जाने की वकालत भी की है।

ट्रंप ने जारी किया समर्थन पत्र

ट्रंप ने नेतन्याहू के पक्ष में अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर इजरायली जनता के नाम एक विस्तृत संदेश में उनकी जमकर तारीफ की। ट्रंप ने नेतन्याहू को एक महान योद्धा प्रधानमंत्री और ईरान का मुकाबला करने में शांति के लिए एक और भी बेहतर साझेदार बताया।

ट्रंप ने अपने पत्र में लिखा, बीबी नेतन्याहू भारी विरोध के बावजूद मजबूत, बहादुर और शानदार रहे हैं। यहां तक कि खुद इजरायल के भीतर से भी उन्हें विरोध का सामना करना पड़ा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कृपया इस पत्र को इजरायल के प्रधानमंत्री के रूप में फिर से चुने जाने की दौड़ में बीबी नेतन्याहू के लिए मेरा पूर्ण समर्थन मानें।

'नेतृत्व बदलने पर पड़ेगा असर'

ट्रंप ने इजरायल के मतदाताओं को आगाह करते हुए कहा कि अगर देश में नेतृ्त्व परिवर्तन होता है, तो ईरान की चुनौतियों का सामना करने में अमेरिका के रुख पर भी असर पड़ेगा। उन्होंने कहा, अगर इजरायल को कोई गलत नेता मिलता है, नेतन्याहू के अलावा, तो अमेरिका को यह काम खुद करना पड़ेगा, और मेरी ऐसा करने की कोई इच्छा नहीं है।

ट्रंप ने भरोसा जताते हुए कहा कि नेतन्याहू जनता को कभी निराश नहीं करेंगे।

गौरतलब है कि इससे पहले अगस्त में ट्रंप ने संकेत दिया था कि वह इजरायली राजनीति से दूर रहना पसंद करेंगे, हालांकि उन्होंने यह विकल्प खुला रखा था कि वह जरूरत पड़ने पर किसी का समर्थन कर सकते हैं।

27 अक्टूबर को मतदान

इजरायल में 27 अक्टूबर को होने वाले इस चुनाव में लगभग 73.3 लाख इजरायली नागरिक मतदान करने के पात्र हैं। 120 सीटों वाली इजरायली संसद नेसेट में सरकार बनाने और प्रधानमंत्री बनने के लिए कम से कम 61 सीटों का समर्थन जरूरी होता है।

लिकुड पार्टी के प्रमुख नेतन्याहू को इस बार कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। विपक्षी खेमे में पूर्व सैन्य प्रमुख गादी आइसेनकोट की यशार पार्टी एक मजबूत दावेदार के रूप में उभरी है।

हमास के हमले और गाजा, लेबनान व ईरान तक फैले लंबे युद्ध के बाद हो रहा यह चुनाव नेतन्याहू के राजनीतिक भविष्य के लिए बेहद निर्णायक माना जा रहा है।