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'उत्तरी आयरलैंड और आयरलैंड का एकीकरण हो', ट्र्ंप के बयान ने छेड़ दी नई बहस; भड़के ब्रिटिश यूनियनिस्ट नेता

Published: Sun, 13 Sep 2026 02:00 AM (GMT+05:30)

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने आयरलैंड यात्रा के दौरान उत्तरी आयरलैंड और आयरलैंड के एकीकरण का समर्थन किया, जिससे अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई बहस छिड़ गई।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के बयान ने मचाई खलबली (फोटो-रॉयटर्स)

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के बयान ने मचाई खलबली (फोटो-रॉयटर्स)

HighLights

  1. ट्रंप ने उत्तरी आयरलैंड और आयरलैंड के एकीकरण का समर्थन किया।

  2. उनके बयान पर ब्रिटिश यूनियनिस्ट दल डीयूपी ने आपत्ति जताई।

  3. ट्रंप ने सऊदी पाइपलाइन हमले और कनाडा व्यापार पर भी बात की।

रॉयटर्स, डबलिन। आयरलैंड की अपनी यात्रा के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने एक ऐसा बयान दिया, जिसने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में अचानक से एक नई बहस छेड़ दी है।

डबलिन में आयरिश प्रधानमंत्री माइकेल मार्टिन के साथ हुई बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए ट्रंप ने कहा कि वह ब्रिटिश शासित उत्तरी आयरलैंड और आयरलैंड का एकीकरण देखना पसंद करेंगे। उनके इस बेबाक बयान ने राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है।

ट्रंप ने अपनी चिरपरिचित शैली में कहा, मैं कोई विवाद नहीं खड़ा करना चाहता, लेकिन सच कहूं तो मैं इसे एकजुट देखना चाहूंगा। यह आखिरकार होना ही है। मुझे लगता है कि यह एक शानदार और बहुत ही बेहतरीन बात होगी। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि इस पर ब्रिटेन को भी अपनी बात रखनी होगी। अंततः यह एक बेहतरीन कदम साबित होगा।

ट्रंप की ये टिप्पणियां ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम के उस बयान के कुछ हफ्ते बाद आई हैं, जिसमें उन्होंने कहा था कि उत्तरी आयरलैंड के ब्रिटेन से अलग होने पर जनमत संग्रह की संभावना खत्म हो गई है।

1998 के ऐतिहासिक 'गुड फ्राइडे समझौते' के तहत, उत्तरी आयरलैंड के यूनाइटेड किंगडम से अलग होने पर जनमत संग्रह कराने का अधिकार पूरी तरह से ब्रिटिश सरकार के विवेक पर निर्भर करता है। इस समझौते ने दशकों के खूनी संघर्ष को समाप्त किया था।

हाल के वर्षों में ब्रेक्सिट के बाद से इस मुद्दे ने एक बार फिर राजनीतिक पटल पर जोर पकड़ा है।

ट्रंप के इस बयान पर उत्तरी आयरलैंड के सबसे बड़े यूनियनिस्ट दल, 'डेमोक्रेटिक यूनियनिस्ट पार्टी' (डीयूपी) के नेता गेविन राबिंसन ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि एकीकरण से हमारे देश का विनाश हो जाएगा।

उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि उत्तरी आयरलैंड के भविष्य का फैसला वहां के लोग करेंगे, न कि लंदन, डबलिन या वाशिंगटन में बैठने वाले नेता। इस 48 घंटे की यात्रा के दौरान ट्रंप ने आयरिश राष्ट्रपति कैथरीन काननोली से भी मुलाकात की। दूसरी ओर, डबलिन और डूनबेग में ट्रंप के गोल्फ रिसार्ट के पास उनकी नीतियों के विरोध में प्रदर्शन भी देखने को मिले।

वहीं, प्रधानमंत्री मार्टिन के साथ हुई बैठक में दोनों देशों के गहरे आर्थिक संबंधों पर भी चर्चा हुई, जिस दौरान ट्रंप ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि आयरलैंड ने अमेरिका की कई मेडिकल कंपनियों को अपनी ओर खींच लिया है।

कुल मिलाकर, ट्रंप का यह दौरा सिर्फ गोल्फ टूर्नामेंट तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उनके एक बयान ने आयरिश एकता के संवेदनशील मुद्दे को एक बार फिर वैश्विक चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

'सऊदी पाइपलाइन हमले के पीछे ईरान का हाथ'

डबलिन में मीडिया से बातचीत करते हुए ट्रंप ने कहा कि सऊदी अरब की ईस्ट-वेस्ट आयल पाइपलाइन पर हुए हवाई हमले के पीछे शायद ईरान का हाथ है। उन्होंने बताया कि इस बारे में उनकी बात सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से हुई है, जिन्हें उन्होंने अपना अच्छा दोस्त बताया।

ट्रंप ने यह भी कहा कि यमन के ईरान-समर्थक हूती विद्रोहियों ने उनके प्रशासन से संपर्क कर संकेत दिया है कि वे नहीं चाहते कि अमेरिका इस संघर्ष में सीधे तौर पर शामिल हो। उनके अनुसार, हूती ज्यादातर जहाजों को गुजरने दे रहे हैं और वे केवल एक देश से खुश नहीं हैं, जिसे जल्दी ही सुलझा लिया जाएगा।

इसके अलावा, अपनी इसी आयरिश यात्रा के दौरान ट्रंप ने कनाडा के साथ व्यापार समझौते को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि कनाडा, अमेरिका के साथ जल्द ही एक व्यापार समझौता करना चाहता है, जो काफी जल्दी हो सकता है।

हालांकि, उन्होंने कनाडा पर अमेरिकी किसानों के साथ अनुचित व्यवहार करने और उन पर भारी शुल्क (टैरिफ) लगाने का आरोप दोहराया और कहा कि उन्हें इन शुल्कों को हटाना होगा।