संयुक्त राष्ट्र, एपी। एक ओर जहां डिजिटल प्लेटफार्म की उपयोगिता में इजाफा हुआ है वहीं दूसरी ओर ऑनलाइन अपराध का भी ग्राफी चिंताजनक तौर पर बढ़ गया है। संयुक्त राष्ट्र की निरस्त्रीकरण प्रमुख इजुमी नाकामित्सु ने साइबर हमलों के लिए दुनिया के तमाम देशों को चेताया है। नॉवेल कोरोना वायरस के कारण फैली महामारी के बीच डिजिटल प्लेटफार्म पर लोगों की निर्भरता बढ़ गई है। संयुक्त राष्ट्र निरस्त्रीकरण प्रमुख ने शुक्रवार को साइबर क्राइम पर चेतावनी जारी की। उन्होंने बताया कि महामारी के दौरान यूजर्स को धोखा देने वाले इमेल में 600 फीसद की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

साइबर हमलावरों के निशाने पर हेल्थकेयर सिस्टम

इजुमी नकामित्सु ने यह जानकारी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की अनौपचारिक बैठक में दी। साथ ही उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस का संकट पूरी दुनिया में फैल गया है और इसके कारण तकनीक पर दवाब बढ़ा है । ऑनलाइन के जरिए ही तमाम कामों को पूरा किया जा रहा है। उन्होंने आगे बताया कि दुनिया भर में मेडिकल रिसर्च फैसिलिटीज और हेल्थकेयर संगठनों के खिलाफ साइबर हमलों की रिपोर्ट मिल रही है।

नकामित्सु ने इंटरनेशनल टेलीकम्युनिकेशन यूनियन के हवाले से बताया कि करीब 90 देश साइबर सिक्योरिटी के लिए तैयारियों के प्रारंभिक चरण में हैं। कोविड-19 के कारण फैलते संक्रमण को देखते हुए अधिकतर कामों के लिए ऑनलाइन प्लेटफार्म को प्राथमिकता दी जा रही है। मौजूदा हालात में लोग डिजिटल प्लेटफार्म पर अधिक निर्भर हो गए हैं।

भारत में भी साइबर हमले

आइएएनएस के अनुसार,  भारत में साइबर हमलों के मामले में पिछले साल की चौथी तिमाही के मुकाबले इस साल 2020 की पहली तिमाही में 37 फीसद की बढ़ोतरी देखने को मिली है। एक नई रिपोर्ट से इस बात की जानकारी मिली है। कैस्पर स्काई सिक्योरिटी नेटवर्क (केएसएन) की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में इसके प्रोडक्ट्स ने इस साल जनवरी से मार्च के बीच 52,820,874 स्थानीय साइबर खतरों का पता लगाकर इन्हें रोका।

Posted By: Monika Minal

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