म्यूनिख [जर्मनी], एजेंसी। चीन में उइगर अल्पसंख्यकों के खिलाफ गंभीर मानवाधिकारों के उल्लंघन के मद्देनजर, विश्व उइगर कांग्रेस (डब्ल्यूयूसी) ने कहा कि अब समय आ गया है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और मानवाधिकार परिषद में उइगरों की स्थिति पर चर्चा की जाए।

विश्व उइगर कांग्रेस ने जताई चिंता 

WUC के उपाध्यक्ष ने चीन में मुस्लिम अल्पसंख्यकों की बिगड़ती स्थिति और उनके खिलाफ हो रहे अत्याचारों के बीच न केवल बयानों और रिपोर्ट्स पर सख्त कार्रवाई का आह्वान किया बल्कि इस मुद्दे पर जमीनी स्तर पर बदलाव की भी आशा की है ।

WUC के उपाध्यक्ष, WUC ने ट्विटर पर लिखा 'मैं कार्रवाई देखना चाहता हूं, केवल बयान, रिपोर्ट और 'चिंता' ही नहीं। उइगर मामले पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और मानवाधिकार परिषद में चर्चा की जानी चाहिए।'

इससे पहले गुरुवार को, यूरोपीय संघ (ईयू) की विदेश नीति के प्रमुख जोसेप बोरेल ने संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट का स्वागत किया, जिसमें कहा गया था कि यह चीन में मुस्लिम अल्पसंख्यकों के प्रणालीगत दुरुपयोग का सुझाव देने वाले सबूतों की 'कठोर समीक्षा' थी।

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त के कार्यालय द्वारा जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि चीनी प्रांत शिनजियांग में उइगर और अन्य मुस्लिम बहुल समूहों को नियमित रूप से पुनर्शिक्षा शिविरों में रखा जाता था जहां उन्हें यातना, बलात्कार, जबरन श्रम और गर्भपात के लिए मजबूर किया जाता था।

20 देशों के 60 उइगर समूह मानवाधिकारों के लिए उच्चायुक्त (OHCHR) के कार्यालय द्वारा एक रिपोर्ट जारी करने के बाद उइगरों के खिलाफ अत्याचार को रोकने के लिए तत्काल प्रतिक्रिया की मांग कर रहे हैं।

कई प्रहरी भी प्रभावित अल्पसंख्यकों के प्रथम-व्यक्ति खातों के साथ कई रिपोर्टें लेकर आए हैं, जिसमें मानवता के खिलाफ अपराध में बीजिंग की सक्रिय भागीदारी दिखाई गई है।

कई संगठनों ने चीनी उत्पादों के बहिष्कार के साथ-साथ चीन द्वारा आयोजित कार्यक्रमों के राजनयिक बहिष्कार की घोषणा करने के लिए वैश्विक मांग की है।

बता दें कि चीन के खिलाफ बढते सबूतों के बावजूद, चीन सभी सबूतों को नकारने से इनकार करता रहा है और इन सभी दावों को पश्चिमी का प्रचार बताता रहा है।

Edited By: Babli Kumari

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