मीडिया फंडिंग में बदलाव के खिलाफ प्राग में हजारों लोग सड़कों पर उतरे, मसौदा वापस लेने की मांग
प्राग में हजारों लोगों ने सरकार की मीडिया फंडिंग योजना के खिलाफ प्रदर्शन किया, जिसे वे मीडिया की स्वतंत्रता के लिए खतरा मानते हैं।

प्राग में विरोध प्रदर्शन।
HighLights
प्राग में हजारों लोगों ने मीडिया फंडिंग के खिलाफ प्रदर्शन किया।
सरकार की योजना को मीडिया की स्वतंत्रता के लिए खतरा बताया।
सार्वजनिक मीडिया कर्मचारी 3 नवंबर को हड़ताल करेंगे।
डिजिटल डेस्क, प्राग। चेक गणराज्य की राजधानी प्राग में रविवार को हजारों लोगों ने प्रधानमंत्री आंद्रे बाबिश की सरकार की सरकारी रेडियो और टेलीविजन के वित्तपोषण में बदलाव की योजना के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने इसे मीडिया की स्वतंत्रता के लिए खतरा बताया और मसौदा वापस लेने की मांग की।
ऐतिहासिक ओल्ड टाउन स्क्वायर में भीड़ इतनी बढ़ गई कि कई लोगों को आसपास की सड़कों पर जुटना पड़ा। विरोध की वजह संसद के निचले सदन में मसौदे पर जल्दबाजी में चर्चा और तड़के 4:36 बजे हुई मतदान प्रक्रिया भी रही।
क्या है प्रस्ताव?
प्रदर्शनकारी संगठन ‘मिलियन मोमेंट्स फार डेमोक्रेसी’ के प्रमुख आयोजक मिकुलाश मिनार ने सरकार पर लोकतांत्रिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया।
प्रस्ताव के तहत लोगों और कारोबारों से लिया जाने वाला नियमित शुल्क खत्म कर सार्वजनिक प्रसारकों को सरकारी बजट से धन देने की योजना है। इससे उन्हें मौजूदा व्यवस्था की तुलना में करीब 15 प्रतिशत कम राशि मिलने की आशंका है।
आलोचकों का क्या कहना है?
आलोचकों का कहना है कि इससे सरकार का मीडिया पर प्रभाव बढ़ सकता है। वहीं, सार्वजनिक मीडिया के कर्मचारियों ने 3 नवंबर को हड़ताल का एलान किया है। श्रमिक संघों, विश्वविद्यालयों, चर्चों और अंतरराष्ट्रीय मीडिया संगठनों ने भी उनका समर्थन किया है।
