नई दिल्ली [जागरण स्पेशल]। एक तरफ राजधानी दिल्ली और एनसीआर के लोग पड़ोस के राज्यों में पराली जलाने से परेशान हैं तो वहीं ऑस्ट्रेलिया के जंगलों में लगी आग सिडनी के लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। यहां के जंगलों की आग ने सिडनी के आसमान को नारंगी रंग में रंग दिया है। हवा काफी खराब हो गई है। लोगों की आंखों में जलन हो रही है और सांस लेने वालों के गले में परेशानी हो हरही है। आसमान में चारों तरफ धुंध ही धुंध दिखाई दे रही है।

ऑस्ट्रेलिया के जंगलों की आग ने सबसे अधिक प्रभाव यहां के टूरिस्ट प्लेसों पर डाला है, इस धुएं की वजह से पर्यटक इस ओर रूख नहीं कर रहे हैं। बीते 4-5 दिनों से समस्या बनी हुई है। फायर डिपार्टमेंट के लोग आग बुझाने के प्रयास में लगे हुए हैं मगर अभी तक पूरी तरह से कामयाब नहीं हो पाए हैं। 

हवा हो गई खराब, धुएं से आसमान का रंग बदला 

शहर के बंदरगाह क्षेत्र में आमदिनों में आकाश का रंग सामान्य तौर पर नीला ही दिखाई देता था मगर कुछ सप्ताह में प्रदूषित कणों की तरह से यहां के आसमान का रंग नारंगी या गहरे भूरे रंग में बदल गया है। ऑस्ट्रेलिया के हजारों हेक्टेयर के जंगल में लगी आग ने यहां काफी बड़े पैमाने को राख कर दिया है। आग लगने के बाद धुआं उड़ रहा है और यहां से उठने वाले जहरीले धुएं के कारण विजिबलिटी भी कम हो गई है। ऐसे में सबसे अधिक समस्या उन लोगों को हो रही है जिनको सांस लेने में किसी तरह की समस्या थी, वो अपने घरों में कैद होकर रह गए हैं। 

मास्क पहनकर निकल रहे घर से बाहर 

इन दिनों यहां अपने घर से बाहर निकलने वाला हर शख्स जहरीले धुएं से बचने के लिए पूरे मुंह को ढककर निकल रहा है। सभी के चेहरे किसी न किसी तरह के मास्क से ढके नजर आ रहे हैं। मौसम विभाग की ओर से लोगों को घर के दरवाजे और खिड़कियां बंद रखने की सलाह दी गई है। यहां के रहने वालों का कहना है कि उन्होंने इतनी जहरीली हवा इससे पहले कभी नहीं देखी, इस हवा में सांस लेने में दिक्कत हो रही है। लोग घुटन महसूस कर रहे हैं।

फेफड़े में पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंच रही है। टैक्सी और भारी गाड़ियों को चलाने वालों का कहना है कि इन दिनों कुछ ही घंटे गाड़ी चलाने के बाद आंखों में जलन होने लगती है। वो अपने दो बच्चों के लिए चिंतित हैं। हवा खराब होने से पहले वो खुद शाम को घूमने निकलते थे लेकिन अब ऐसा नहीं कर पा रहे हैं। आलम ये है कि धुंए की वजह से स्कूल में स्पोर्ट्स इवेंट रद्द कर दिए गए हैं। 

पहले कभी नहीं देखा शहर ने ऐसा प्रदूषण 

सिडनी ऑस्ट्रेलियाई प्रांत न्यू साउथ वेल्स (एनएसडब्ल्यू) की राजधानी है। एनएसडब्ल्यू के पर्यावरण विभाग के मुताबिक, जंगल में लगी आग की वजह से राज्य में इतना ज्यादा प्रदूषण हुआ है जो पहले कभी नहीं देखा गया। पर्यावरण विभाग के एक प्रवक्ता ने कहा कि यह घटना हमारे रिकॉर्ड में सबसे लंबी और सबसे अधिक व्यापक है।

सिडनी के बाहर पूर्वी और पश्चिमी क्षेत्रों में से कुछ में पीएम 2.5 कणों की मात्रा 250 से 620 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज की गई। ये कण सांस के माध्यम से शरीर में पहुंचकर फेफड़े और खून को काफी ज्यादा नुकसान पहुंचाते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार हवा में पीएम 2.5 की मात्रा 200 से ज्यादा होने का मतलब है कि लोगों के स्वास्थ्य पर घातक असर पड़ सकता है।

वायु प्रदूषण से हर साल 3000 मौतें 

2016 में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार ऑस्ट्रेलियन इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ एंड वेलफेयर ने अनुमान लगाया है कि देश में शहरी वायु प्रदूषण के कारण हर साल लगभग 3,000 मौतें होती हैं, एनएसडब्ल्यू के स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि हाल के हफ्तों में दमा और सांस संबंधी समस्याओं के अधिक मामले सामने आए हैं और आपातकालीन विभागों में एम्बुलेंस के लिए सामान्य से अधिक फोन आए हैं। मौसम विज्ञान ब्यूरो के अनुसार जंगल में लगी आग का धुआं कम से कम शनिवार तक सिडनी के आसपास रहेगा। 

अक्टूबर के बाद आग लगने की 7 हजार से अधिक घटनाएं 

पश्चिमी सिडनी में वैरागैम्बा डैम के पास लगी एक बड़ी आग से अभी भी गहरा धुआं उठ रहा है। एनएसडब्ल्यू क्षेत्र में अक्टूबर के बाद से आग लगने की सात हजार से ज्यादा घटनाएं हुई हैं, इससे 20 लाख हेक्टेयर से ज्यादा भूमि पर लगे जंगल जल गए हैं। इससे 6 लोगों की मौत हो चुकी है 670 से ज्यादा मकान बर्बाद हो चुके हैं। 100 से ज्यादा जगहों पर अभी भी आग लगी हुई है, करीब 1,700 अग्निशामकों को इस स्थिति से निपटने के लिए तैनात किया गया है। वो लगातार इस पर काबू पाने के लिए काम कर रहे हैं।  

Posted By: Vinay Tiwari

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