यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 31, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
थरूर ने लगाई क्लास तो 48 घंटे में ही बदले कोलंबिया के सुर, वापस लिया PAK के प्रति संवेदना वाला बयान
भारत के ऑपरेशन सिंदूर के बाद कोलंबिया ने पाकिस्तान के प्रति संवेदना जताने वाला बयान जारी किया था। इस पर ...और पढ़ें

HighLights
- कोलंबिया सरकार के बयान पर थरूर ने जताई थी निराशा
- कोलंबिया की उप विदेश मंत्री ने वापस लिया अपनी सरकार का बयान
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। विश्व स्तर पर भारत को बड़ी कूटनीतिक जीत मिली है और भारतीय डेलिगेशन में शामिल शशि थरूर की आपत्ति के बाद कोलंबिया ने अपने उस बयान को आधिकारिक तौर पर वापस ले लिया है, जिसमें उसने भारतीय हमलों के बाद पाकिस्तान में हुई मौतों पर संवेदना व्यक्त की थी।
इससे पहले भारत द्वारा पाकिस्तान और पीओके में स्थित आतंकी ठिकानों पर किए गए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान मारे गए लोगों के प्रति कोलंबिया सरकार ने निराशा व्यक्त की थी। इस पर शशि थरूर ने कोलंबिया में जाकर चिंता जताते हुए कोलंबिया सरकार की प्रतिक्रिया पर निराशा व्यक्त की थी।
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भारत के डेलिगेशन से मुलाकात
भारतीय डेलिगेशन से मुलाकात के बाद कोलंबिया की उप विदेश मंत्री रोसा योलांडा विलाविसेनियो ने कहा, "हमें पूरा विश्वास है कि हमें आज जो स्पष्टिकरण मिला है और वास्तविक स्थिति, संघर्ष और कश्मीर में जो कुछ हुआ है, उसके बारे में अब हमारे पास जो भी जानकारी है उसके आधार पर हम बातचीत जारी रख सकते हैं।"
कोलंबिया सरकार की अभी की प्रतिक्रिया पर बयान देते हुए कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि उप विदेश मंत्री ने बहुत विनम्रता से जिक्र किया कि उन्होंने वह बयान वापस ले लिया है, जिस पर हमने चिंता व्यक्त की थी और वे हमारी स्थिति को पूरी तरह समझते हैं, यह हमारे लिए बहुत मूल्यवान है।
आतंकवाद के प्रति भारत का कड़ा रुख
गुरुवार को कोलंबिया की राजधानी में शशि थरूर ने आतंकवाद के प्रति भारत के रुख को लेकर विस्तार से बात की थी। इस दौरान उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर जानकारी दी और पाकिस्तान के प्रति संवेदना जताने पर कोलंबिया सरकार की प्रतिक्रिया पर निराशा जताई थी।
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डेलिगेशन में शामिल भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने कहा, थरूर ने आतंकवाद पर भारत के रुख को दोहराया है और कोलंबिया की प्रतिक्रिया पर निराशा व्यक्त की, जिसने भारत में आतंकवाद के पीड़ितों के प्रति सहानुभूति व्यक्त करने के बजाय पाकिस्तान में हुई जानमाल की हानि पर संवेदना व्यक्त की थी।
