यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 24, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
World Hindu Congress: 'हिंदू जीवन मूल्यों से ही विश्व में शांति स्थापित होगी', थाईलैंड की PM ने ऐसा क्यों कहा?
थाईलैंड की प्रधानमंत्री श्रेथा थाविसिनी ने कहा कि हिंदू धर्म के सिद्धांतों और मूल्यों पर आयोजित विश्व हिंदू कांग्रेस की ...और पढ़ें
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HighLights
- थाईलैंड में तीसरे विश्व हिंदू कांग्रेस का आयोजन
- उद्घाटन सत्र में थाईलैंड की पीएम ने हिंदू जीवन मूल्यों की जमकर की तारीफ
- पीएम ने कहा- हिंदू जीवन मूल्यों से ही विश्व में शांति की स्थापना होगी
एएनआई, बैंकाक। थाईलैंड की प्रधानमंत्री श्रेथा थाविसिनी (Thailand's Prime Minister Srettha Thavisin) ने हिंदू धर्म को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि अशांति से जूझ रही दुनिया को अहिंसा, सत्य, सहिष्णुता और सद्भाव के हिंदू मूल्यों से प्रेरणा लेनी चाहिए, तभी विश्व में शांति स्थापित होगी।
बैंकाक में विश्व हिंदू कांग्रेस का उद्घाटन
दुनिया में हिंदुओं की पहचान एक प्रगतिशील और प्रतिभाशाली समाज के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य से आज बैंकाक में तीसरी विश्व हिंदू कांग्रेस का उद्घाटन किया गया। इस दौरान श्रेथा थाविसिन ने शांति को बढ़ावा देने वाले हिंदू मूल्यों पर प्रकाश डाला। हालांकि, थाविसिन उद्घाटन सत्र में किन्ही कारणों की वजह से हिस्सा नहीं ले पाईं। बैठक में उनका संदेश पढ़ा गया।
'विश्व हिंदू कांग्रेस की मेजबानी करना सम्मान की बात'
अपने संदेश में थाईलैंड की प्रधानमंत्री ने कहा कि हिंदू धर्म के सिद्धांतों और मूल्यों पर आयोजित विश्व हिंदू कांग्रेस की मेजबानी करना हमारे देश के लिए सम्मान की बात है। इस दौरान उन्होंने वेद का भी जिक्र किया।
दीप प्रज्वलित कर किया गया विश्व हिंदू कांग्रेस का उद्घाटन
विश्व हिंदू कांग्रेस का उद्घाटन प्रख्यात संत माता अमृतानंदमयी, भारत सेवाश्रम संघ के स्वामी पूर्णानंद, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहनराव भागवत, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले, विश्व हिंदू परिषद के महासचिव मिलिंद परांडे और कार्यक्रम के संस्थापक-संचालक स्वामी विज्ञानानंद ने दीप प्रज्वलित कर किया।
61 देशों के 2200 से अधिक प्रतिनिधि हुए शामिल
इस कार्यक्रम में 61 देशों के 2200 से अधिक प्रतिनिधि शामिल हुए। इन प्रतिनिधियोंने शिक्षा, अर्थव्यवस्था, अनुसंधान और विकास, मीडिया और राजनीति के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कीं। इनमें करीब 25 देशों के सांसद और मंत्री भी शामिल हैं।
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थाइलैंड में रहते हैं 10 लाख प्रवासी भारतीय
गौरतलब है कि थाईलैंड में भारतीय समुदाय के करीब 10 लाख लोग रहते हैं। इन लोगों का थाईलैंड के व्यापार और आर्थिक विकास में अहम योगदान है।
थाईलैंड के साथ भारत के संबंध हुए मजबूत
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने हाल ही में कहा था कि थाईलैंड के साथ भारत के रक्षा और सुरक्षा संबंध 2014 के बाद बढ़े हैं। उन्होंने प्रवासी भारतीयों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत की लुक ईस्ट पॉलिसी है, जबकि थाईलैंड की लुक वेस्ट पॉलिसी है।
जयशंकर ने 2014 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सत्ता में आने के बाद भारत-थाईलैंड के संबंधों के संदर्भ में हुए बदलावों का जिक्र किया। भारतीय समुदाय के साथ बातचीत में उन्होंने कहा कि हम आसियान देशों के सात जुड़े हुए हैं। इसलिए हमारे लिए यह सिर्फ एक रिश्ता नहीं है। यह रिश्ता 1947 में शुरू हुआ था। यह भारत में सुधार और बदलाव से जुड़ा है। पिछले 25 सालों में यह रिश्ता और मजबूत हुआ है।
