बांग्लादेश का प्रधानमंत्री आवास गणभवन बनेगा म्यूजियम, अब कहां होगा PM तारिक रहमान का निवास और क्या है नाम?
बांग्लादेश में 13वें संसदीय चुनाव के बाद नई सरकार बनी है और तारिक रहमान प्रधानमंत्री बने हैं। 'गणभवन' को संग्रहालय ...और पढ़ें
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कहां रहेंगे नए प्रधानमंत्री तारिक रहमान?

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। डेढ़ दशक से अधिक समय बाद बांग्लादेश में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की सरकार बनी है। 12 फरवरी को हुए 13वें संसदीय चुनाव में भारी जीत के बाद लोगों में उत्साह का माहौल है।
नई सरकार के नए प्रधानमंत्री तारिक रहमान 17 फरवरी को शपथ ग्रहण कर चुके हैं, लेकिन एक सवाल अब भी राजनीतिक हलकों में गूंज रहा है कि नए प्रधानमंत्री तारिक रहमान का स्थायी निवास क्या होगा?

जमुना गेस्ट हाउस बन रहा प्रमुख विकल्प
हाउसिंग एंड पब्लिक वर्क्स मिनिस्ट्री ने इस बाबत तैयारी पूरी कर ली है। पुराने पीएम आवास 'गणभवन' को जुलाई मेमोरियल म्यूजियम में बदल दिए जाने के बाद राज्य अतिथि गृह 'जमुना' को नए प्रधानमंत्री के निवास के रूप में तैयार किया जा रहा है। डॉ. मुहम्मद यूनुस ने भी इसे अपने ठहरने के स्थान के तौर पर इस्तेमाल किया था।

गणभवन का इतिहास
विकिपीडिया पर मिली जानकारी के मुताबिक, ढाका के शेर -ए-बांग्ला नगर में स्थित 'गणभवन' का शाब्दिक अर्थ 'जनता का घर' है। बंगलादेशी संसद भवन के उत्तर में स्थित पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस्तीफे तक बांग्लादेश की प्रधानमंत्री का आधिकारिक निवास था।
2024 की जुलाई क्रांति के बाद, इस निवास को एक संग्रहालय में बदल दिया गया, जिसका नाम 'जुलाई क्रांति स्मारक संग्रहालय' रखा गया।
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शेख मुजीबुर रहमान से नाता
बांग्लादेश की स्वतंत्रता और संसदीय सरकार की स्थापना के बाद प्रधानमंत्री शेख मुजीबुर रहमान का कार्यालय बेली रोड स्थित 'राष्ट्रपति भवन' के नाम से जाना जाता था, जिसे वे 'गणभवन' कहते थे।
कार्यालय के लिए अपर्याप्त स्थान के कारण, 1973 के आम चुनाव के बाद, उन्होंने शेर-ए-बांग्ला नगर में गणभवन का निर्माण अपने आधिकारिक निवास और सचिवालय के रूप में करवाया, हलांकि वे कभी वहां नहीं रहे।
अगले साल इसके पूरा होने के बाद, उन्होंने 1975 तक वहां काम किया और बाद में इसका उपयोग मार्शल लॉ प्रशासनों द्वारा कोर्ट-मार्शल के रूप में किया गया।
पार्लियामेंट परिसर का प्लान रद
पहले संसद भवन परिसर में स्पीकर और डिप्टी स्पीकर के आवास को मिलाकर प्रधानमंत्री निवास बनाने का विचार था, लेकिन सुरक्षा जोखिम और संसदीय प्रोटोकॉल की दिक्कतों के कारण दिसंबर में यह योजना रद कर दी गई। ऐसे में जमुना अब तक का सबसे मजबूत विकल्प है।
गुलशन में 'फिरोजा' के पास भावनात्मक जुड़ाव
देश लौटने के बाद से तारिक रहमान गुलशन में मकान नंबर 196 में रह रहे हैं, जो उनकी मां खालिदा जिया के यादगार घर 'फिरोजा' के बगल में है। राजनीतिक चर्चाओं में कहा जा रहा है कि भावनात्मक और सुरक्षा कारणों से वे यहीं रहना पसंद कर सकते हैं।
लेकिन गुलशन घनी आबादी वाला इलाका है। प्रधानमंत्री की तीन-स्तरीय सुरक्षा यहां लागू करना चुनौतीपूर्ण होगा। साथ ही, संसद या सचिवालय जाते समय ट्रैफिक जाम से जनता को परेशानी हो सकती है। सुरक्षा एजेंसियां उन्हें हेयर रोड या मिंटो रोड क्षेत्र में रहने की सलाह दे सकती हैं।
विपक्षी नेता के लिए भी ऐतिहासिक आवास तैयार
हेयर रोड पर बिल्डिंग नंबर 29 को भी साफ-सफाई के बाद तैयार किया गया है। इस घर का इतिहास काफी पुराना है। 2001 के बाद दो दशक तक कोई विपक्षी नेता यहां नहीं रहा।
जमात-ए-इस्लामी ने 68 सीटें जीतकर मुख्य विपक्षी दल का स्थान हासिल किया है, लेकिन उनके नेता पहले ही सरकारी सुविधाओं से दूरी बनाने का ऐलान कर चुके हैं।
अंतिम फैसला प्रधानमंत्री कार्यालय का
मिनिस्ट्री ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं, लेकिन अंतिम निर्णय प्रधानमंत्री कार्यालय से आएगा। शपथ ग्रहण के बाद अब यह साफ हो चुका है कि नया काफिला किस दिशा में जाएगा।
बांग्लादेश के नागरिक लोकतंत्र की इस नई शुरुआत का स्वागत कर रहे हैं, जहां नेताओं का घर और उनका काम चर्चा का केंद्र बनेगा।
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