काबुल, एपी। अफगानिस्तान (Afghanistan) की नई तालिबान (Taliban) सरकार आतंकियों को किसी अन्य देश पर हमला करने के लिए अपने देश की धरती का इस्तेमाल नहीं करने देगी। तालिबान सरकार में विदेश मंत्री अमीर खान मुत्तकी (Amir Khan Muttaki) ने मंगलवार को कहा कि सरकार अपने इस वादे पर कायम है। यह पहला मौका है कि तालिबान सरकार के किसी मंत्री ने औपचारिक तौर पर यह बात कही है।

तालिबानी विदेश मंत्री की पहली प्रेस कांफ्रेंस 

तालिबान द्वारा अंतरिम सरकार के गठन के एक सप्ताह बाद मुत्तकी की यह पहली प्रेस कांफ्रेंस थी। मुत्तकी ने यह समय सीमा नहीं बताई कि अंतरिम सरकार कितने समय तक रहेगी या सरकार में अन्य गुटों, अल्पसंख्यकों या महिलाओं को शामिल किया जाएगा या नहीं। दुनिया के अन्य देशों के साथ ही अफगानिस्तान के लोगों की नजर इस पर लगी है कि अपने दूसरे कार्यकाल में तालिबान किस तरह की सरकार चलाता है। हालांकि, उसने शरिया कानून लागू करने का एलान पहले ही कर दिया है।

अफगानिस्तान के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करें दूसरे देश

वर्ष 1996-2001 के बीच अपने पहले कार्यकाल में तालिबान में सख्त शरिया कानून लागू किया था। बड़ी लड़कियों की शिक्षा पर रोक लगा दी गई थी और महिलाओं के अकेले घर से बाहर निकलने पर भी पाबंदी थी। चुनावों की संभावना के बारे में पूछे जाने पर, मुत्तकी ने मांग की कि अन्य देश अफगानिस्तान के आंतरिक मुद्दों में हस्तक्षेप न करें।

पिछले साल अमेरिका के साथ एक समझौते के तहत, तालिबान ने अल-कायदा और अन्य आतंकवादी समूहों के साथ संबंध तोड़ने और यह सुनिश्चित करने का वादा किया था कि वे अपने क्षेत्र से अन्य देशों को कोई खतरा पैदा नहीं होने देगा। समझौते के बारे में पूछे जाने पर मुत्तकी ने कहा, 'हम किसी भी व्यक्ति या किसी भी समूह को किसी अन्य देश के खिलाफ अपनी भूमि का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं देंगे।'

 

Edited By: Monika Minal