काबुल, एपी। अमेरिका के साथ शांति वार्ता रद होने के बाद आतंकी संगठन तालिबान ने अफगानिस्तान में हमले तेज कर दिए हैं। तालिबान आतंकियों ने शनिवार को राजधानी काबुल में वरदाक प्रांत के जझातु जिले के प्रमुख राज मुहम्मद वजीरी की गोली मारकर हत्या कर दी। तालिबान प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। वजीरी पर यह हमला उस वक्त किया गया जब वह पश्चिमी काबुल के गोलाई अस्पताल इलाके में अपनी कार से कहीं जा रहे थे।

तालिबान के इस हमले से ठीक पहले अफगान रक्षा मंत्रालय ने एलान किया कि पिछले छह माह में मुल्क के पांच प्रांतों गजनी, बदख्शां, कुंदुज, तखर और फरयाब के 12 जिलों को तालिबान के नियंत्रण से पूरी तरह मुक्त करा लिया गया है। लेकिन तालिबान ने देश की राजधानी में ही इस वारदात को अंजाम देकर अफगान सरकार के दावे पर सवाल खड़ा कर दिया।

तालिबान की धमकियों के बीच हुए चुनाव में इस बार कम हुई वोटिंग

अफगानिस्तान में पिछले महीने हुए चुनाव में इस बार कम वोटिंग दर्ज की गई है। चुनाव के बाद सामने आए गैर आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक 20 लाख से कुछ ज्यादा मतलब 20 फीसद मतदाताओं ने ही अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया है। तालिबान की धमकियों के बीच हुए इस चुनाव में 2014 की तुलना में कम वोटिंग दर्ज की गई है। बता दें कि 01 करोड़ पंजीकृत मतदाताओं मे से केवल 20 लाख ने ही अपने मताधिकार का उपयोग किया है। 

पिछले महीने 28 सितंबर, 2019 को यहां वोटिंग हुई थी और 19 अक्टूबर, 2019 तक चुनावों के नतीजे सामने आने की उम्मीद जताई जा रही है। जबकि अंतिम नतीजे नवंबर के पहले हफ्ते तक आ जाएंगे। इस बार 18 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं लेकिन असली मुकाबला राष्ट्रपति अशरफ अली गनी और मुख्य कार्यकारी अब्दुल्ला अब्दुल्ला के बीच माना जा रहा है। किसी भी उम्मीदवार को  50 फीसद मत ना मिलने पर शीर्ष दो उम्मीदवारों के बीच दूसरे दौर की वोटिंग कराई जाएगी।

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