लंदन, रायटर्स। अफगानिस्तान के तालिबान नियंत्रित केंद्रीय बैंक ने कहा कि उसने बुधवार को पूर्व उप राष्ट्रपति अमरुल्ला सालेह सहित पूर्व शीर्ष सरकारी अधिकारियों से लगभग 124 करोड़ डॉलर नकद और सोना जब्त किया है। केंद्रीय बैंक ने एक बयान में कहा कि पैसा और सोना अधिकारियों के घरों में रखा गया था, हालांकि यह अभी तक नहीं पता है कि यह किस उद्देश्य से रखा गया था। तालिबान ने दावा किया था कि उन्‍हें अमरुल्‍ला सालेह के घर से 65 करोड़ डॉलर मिले हैं। तालिबान ने कहा कि उन्‍हें सालेह के घर से सोने की ईंटें भी मिली हैं। तालिबान ने यह भी कहा कि यह उन्‍हें मिले कुल पैसे का छोटा सा हिस्‍सा मात्र है। अमरुल्ला सालेह का ठिकाना अभी अज्ञात है। पंजशीर में तालिबानी कब्‍जे के बाद से ही अमरुल्‍ला सालेह और अहमद मसूद सुरक्षित स्‍थान पर चले गए हैं। पंजशीर घाटी में अभी भी लड़ाई जारी है।

उन्‍होंने अफगानिस्‍तान में तालिबान का विरोध करने की कसम खाई है, जो एक महीने पहले सत्ता में आया है। पिछले हफ्ते उनके परिवार के एक सदस्य ने कहा कि तालिबान ने सालेह के भाई रोहुल्लाह अजीजी को मार डाला था। इतना ही नहीं, तालिबानी रोहुल्लाह के शव को दफनाने तक नहीं दे रहे थे। रोहुल्लाह पिछले कई दिनों से पंजशीर में तालिबान से मुकाबला कर रहे थे। वे नेशनल रेजिस्टेंस फोर्स के एक यूनिट के कमांडर भी थे। एक अलग बयान में, बैंक ने अफगानों से देश की स्थानीय अफगानी मुद्रा का उपयोग करने का आग्रह किया।

पूर्व अफगान सरकार के राजनीतिक शख्‍सियतों के खाते फ्रीज

अफगानिस्‍तन में यह चिंता का विषय है कि देश के बैंक और फर्मों के पास पैसे की कमी है, विशेष रूप से डॉलर, जो व्यापक रूप से उपयोग किए जाते हैं। दो वाणिज्यिक बैंकरों ने कहा कि तालिबान पूर्व सरकारी अधिकारियों से संबंधित संपत्ति की वसूली करना चाह रहा है, केंद्रीय बैंक ने पिछले सप्ताह स्थानीय बैंकों को एक परिपत्र जारी कर पूर्व अफगान सरकार के राजनीतिक शख्‍सियतों के खातों को फ्रीज करने के लिए कहा है।

अफगानिस्‍तान पर गहरा रहा आर्थिक संकट

अफगानिस्‍तान को कब्जाने के एक महीने बाद तालिबान कई बड़ी समस्याओं का सामना कर रहा है वहां सूखा और अकाल फैल रहे हैं। इस बीच डर है कि इस महीने के अंत तक 1.4 करोड़ लोग भुखमरी के कगार पर पहुंच सकते हैं। चार दशक लंबे युद्ध और हजारों लोगों की मौत के बाद अफगानिस्तान की अर्थव्यवस्था बर्बाद हो चुकी है। विश्व खाद्य कार्यक्रम को डर है कि सितंबर के अंत तक भोजन खत्म हो सकता है। करीब 1.4 करोड़ लोग भुखमरी के कगार तक पहुंच सकते हैं।

Edited By: Arun Kumar Singh