काबुल, एजेंसी । तालिबान ने अल-कायदा Al-Qaeda के भारतीय उपमहाद्वीप प्रमुख असीम उमर Al Qaeda Indian subcontinent chief Asim Umar की हत्या के अफगान सरकार के दावों को खारिज कर दिया है।तालिबान प्रवक्ता ने कहा काबुल प्रशासन की यह घोषणा मनगढ़ंत प्रचार का हिस्सा है। बता दें कि अफगान सरकार ने घोषणा की थी कि भारतीय मूल के आतंकवादी और अल-कायदा के प्रमुख भारतीय उपमहाद्वीप (AQIS) में आसिम उमर, अमेरिका और अफगान सेना द्वारा किए गए एक संयुक्त अभियान में मारा गया।

अफगानिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा निदेशालय ने आतंकी आसिम उमर के मारे जाने की पुष्टि की थी। इसके साथ ही 23 सितंबर को हुए हमले में अफगानिस्तान के हेलमांड प्रांत के मूसा काला जिले में छह अन्य अलकायदा आतंकियों के भी ढेर होने की भी पुष्टि की गई। बता दें कि जुलाई, 2018 में अमेरिका ने उमर को अपनी ग्लोबल टेररिस्ट की लिस्ट में डाला था। इसके साथ ही अमेरिका ने अलकायदा की भारतीय उपमहाद्वीप इकाई को भी विदेशी आतंकी संगठनों की सूची में भी शामिल किया। 

तालिबानी आतंकी उमर भारत में अलकायदा का चीफ था। आतंकी शना उल हक उर्फ उमर गलत संगत में पड़कर बिगड़ गया था। पाकिस्तान के संपर्क में आना और वहां से आतंकी संगठनों के जुड़ाव ने उमर को एक ऐसी राह पर धकेल दिया जिसका अंत उसकी मौत के साथ हो गया। वर्ष 1991 में उसने सम्भल छोड़ा तो किसी को नहीं पता था कि उसके दिमाग में क्या चल रहा है। परिवार वालों ने भी उससे रिश्ता-नाता तोड़ लिया था।

वर्ष 1996 में इंटेलीजेंस रिपोर्ट के बाद दिल्ली की खुफिया टीम सम्भल में उमर के घर पहुंची थी। खुफिया अधिकारियों ने परिजनों को बताया था कि उमर पाकिस्तान चला गया है। वह आतंकी संगठनों के साथ है। हालांकि, परिजनों ने कहा था कि अब उनका बेटे से  कोई रिश्ता नहीं है। कुछ दिन पहले ही उस पिता का भी इंतकाल हो गया, जबकि पिता के अच्छे अनुशासन और बेहतर शिक्षा ने एक बेटे को इंजीनियर बनाया है तो दूसरे को शिक्षक। 

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Posted By: Ramesh Mishra

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