काबुल, आइएएनएस। तालिबान के नेतृत्व वाली अफगानिस्तान सरकार ने तालिबान के नाम का दुरुपयोग करने वाले और जनता के साथ सही व्यवहार नहीं करने एवं खराब रिकार्ड वाले सदस्यों को निष्कासित करने के लिए एक कमीशन का गठन किया है। एक मीडिया रिपोर्ट में एक सूत्र के हवाले से यह जानकारी दी गई है। खामा प्रेस रिपोर्ट के मुताबिक, 'फिल्ट्रेशन कमीशन आफ फोर्सेज' के नाम से इस आयोग का गठन किया गया है। इसमें रक्षा मंत्रालय और इंटीरियर अफेयर्स मिनिस्ट्री के साथ-साथ खुफिया उच्च निदेशालय के कुछ प्रतिनिधियों को भी शामिल किया गया है।

नए आयोग के निर्माण की आधिकारिक तौर पर घोषणा बुधवार को की गई थी। एक बयान में आंतरिक मामलों के मंत्रालय के प्रवक्ता सईद खोस्तई ने कहा कि आयोग देश के सभी प्रांतों में काम करेगा। खामा प्रेस ने बताया कि हालांकि, खोस्तई ने प्रतिकूल सदस्यों के विवरण का खुलासा नहीं किया, लेकिन कहा कि ये लोग तालिबान सरकार और इस्लामी व्यवस्था के खिलाफ थे। खोस्तई के अनुसार, तालिबान लड़ाके के तौर पर बंदूकधारियों के लोगों के घरों में घुसने की खबरें सामने आने के बाद यह आयोग बनाया गया था।

पश्चिमी देश अफगानिस्तान की जब्त संपत्तियां लौटाने को राजी नहीं

अफगानिस्तान पर काबिज तालिबान ने बुधवार को कहा कि पश्चिमी देशों ने विदेशी बैंकों में अफगानिस्तान की जब्त संपत्तियों को लौटाने की अपील को अनसुना कर दिया है। तालिबान के प्रवक्ता मुहम्मद नईम ने कतर में यूरोपीय संघ के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के बाद कहा कि अफगान सरकार ने अमेरिकी प्रतिनिधियों और नार्वे, इटली, जर्मनी, फ्रांस, ब्रिटेन और स्वीडन समेत यूरोपीय संघ के 15 देशों के प्रतिनिधियों से अफगानिस्तान की जब्त संपत्तियों को लौटाने पर बात की है, जोकि अफगानी जनता का पैसा है। मीडिया रिपोर्ट के हवाले से उन्होंने बताया कि अफगानिस्तान मानवीय संकट से गुजर रहा है और पश्चिमी देश अलग मुद्दों जैसे महिलाओं की शिक्षा पर बात कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, पश्चिमी बैंकों में अफगानिस्तान की करीब नौ से 10 अरब डालर की संपत्ति जब्त है। उल्लेखनीय है कि विगत मंगलवार को ही अमेरिका ने कहा कि अफगानिस्तानी सरकार के भावी बर्ताव को देखते हुए ही अफगानिस्तान की बैंकों में जमा संपत्तियों के बारे में फैसला किया जाएगा।

Edited By: Neel Rajput