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संयुक्‍त राष्‍ट्र (एएफपी)। इस्‍लामिक स्‍टेट से रक्‍का को वापस लेने के बाद सीरिया की जंग में नया मोड़ आ गया है, लेकिन संयुक्‍त राष्‍ट्र में जमा विश्‍व नेताओं की ओर से इस मामले को अधिक तवज्‍जो नहीं दी गयी।

संयुक्‍त राष्‍ट्र महासभा के दौरान इस बार राजनयिक एजेंडे में सीरिया मामला उत्‍तर कोरिया व इरान परमाणु समझौते के सामने बौना दिखा। पिछले साल संरा महासभा में अलेप्‍पो मामले पर तनाव चरम पर था। राष्‍ट्रपति बशर अल असद के सैन्‍य बलों ने अधिकांश क्षेत्र समेत अलेप्‍पो को दोबारा अपने अधिकार में ले लिया है और इसका समर्थन मॉस्‍को व तेहरान ने किया।

सीरियाई क्षेत्र रक्‍का और डेर इज्‍जोर में इस्‍लामिक स्‍टेट हार के कगार पर है। रूस, इरान और तुर्की ने सीरिया में चार ऐसे क्षेत्र बनाए जहां युद्ध की तीव्रता में कमी आयी। सीजफायर लाने के लिए ये देश दक्षिण में अमेरिका व जार्डन के साथ काम कर रहे हैं। यूरोपियन युनियन के फॉरेन पॉलिसी चीफ फेडेरिबा मोगहरिनी ने एक बैठक में बताया, ‘सीरिया में युद्ध अभी खत्‍म नहीं हुआ है।‘ लेकिन उन्‍होंने यह स्‍वीकार किया कि देश में स्‍थिति सुधरी है।

आने वाले कुछ हफ्तों में सीरिया व विपक्ष के बीच शांति वार्ता के आयोजित करने की योजना संयुक्‍त राष्‍ट्र बना रहा है।

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Posted By: Monika Minal

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