सिडनी, एपी। जंगलों में लगी आग के धुएं से ऑस्ट्रेलियाई शहर सिडनी का दम घुटने लगा है। मंगलवार को सिडनी के कुछ स्थानों पर वायु गुणवत्ता सूचकांक खतरनाक स्तर (200) से 11 गुना ज्यादा दर्ज किया गया। शहर के कुछ हिस्सों में आवागमन रोक दिया गया है। स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों ने लोगों से यथासंभव घरों में ही रहने और सांस के मरीजों को घर से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी है।

न्यू साउथ वेल्स में एंबुलेंस सेवा के प्रमुख ब्रेंट आर्मिटेज ने कहा कि बड़ी संख्या में लोग सांस संबंधी शिकायतों के कारण सहायता मांग रहे हैं। सिडनी रेलवे पहले ही चेतावनी दे चुका है कि घने धुएं के कारण स्टेशनों पर खराब स्थिति पैदा हो सकती है। यूनियन नेता थॉमस कोस्टा ने कहा, ऐसी हालत में श्रमिकों को काम करने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। शहर में हवा बहुत जहरीली है। उत्तर से आने वाली हवा के कारण धुआं तेजी से शहर में आ रहा है। उत्तरी न्यू साउथ वेल्स के जंगलों में पिछले माह 50 से ज्यादा जगहों पर आग लगी थी। 

इधर प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन के हवाले से एक मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि आग बुझाने के काम में सेना लगी हुई है लेकिन अपेक्षित सफलता नहीं मिल पा रही है। बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, तेज हवा और 35 डिग्री सेल्सियस तापमान ने आग को और भड़काने का काम किया है। जिन इलाकों में यह आग लगी हुई है। उनमें से कई जगह सूखा प्रभावित क्षेत्रों में आते हैं। आग लगने की इस घटना में सैकड़ों पशुओं के मारे जाने की भी आशंका है।

वैज्ञानिकों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण ऑस्ट्रेलिया में आग का मौसम लंबा खींच रहा है। यही नहीं यह पहले से अधिक जोखिम वाला भी होता जा रहा है। बीबीसी ने 'द ब्यूरो स्टेट ऑफ द क्लाइमेट 2018' की रिपोर्ट के हवाले से कहा है कि जलवायु परिवर्तन से अत्यधिक गर्मी की घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है। इससे सूखे जैसी अन्य प्राकृतिक आपदाओं का जोखिम भी बढ़ा है।

 

 

Posted By: Jagran News Network

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