कोलंबो, प्रेट्र/आइएएनएस/रायटर। श्रीलंका पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में रात का कर्फ्यू लगाने की घोषणा कर दी। बुधवार को इससे कुछ घंटे पहले ही अधिकारियों ने कर्फ्यू समाप्त करने की घोषणा की थी। दंगा के सिलसिले में पुलिस ने 100 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया है। ईस्टर के मौके पर चर्च और होटलों में हुए आत्मघाती बम धमाकों के बाद शुरू हुए सांप्रदायिक दंगे में मुस्लिमों की दुकानों और कारोबारी प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया।

कर्फ्यू समाप्त करने की घोषणा के कुछ घंटे बाद ही पुलिस ने रात का कर्फ्यू लगाने की घोषणा कर दी। उत्तर पश्चिमी प्रांत और गामपाहा पुलिस डिवीजन में शाम सात बजे से गुरुवार चार बजे भोर तक कर्फ्यू लागू रहेगा। गैरकानूनी रूप से जुटने वाली भीड़ और हिंसा की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए वायुसेना ने दिन-रात हेलीकॉप्टर तैनात रखने का फैसला लिया है। श्रीलंकाई वायुसेना के प्रवक्ता ग्रुप कैप्टन गिहान सेनेविरत्ने ने यह जानकारी दी।

पुलिस के प्रवक्ता रुवान गुनेसेकेरा ने कहा कि कम से कम 78 लोगों को सबसे ज्यादा प्रभावित उत्तर-पश्चिम प्रांत से गिरफ्तार किया गया है। अन्य संदिग्ध देश के दूसरे हिस्से से गिरफ्तार किए गए हैं। गिरफ्तार लोगों को कोर्ट में पेश किया गया जहां से उन्हें रिमांड पर भेज दिया गया है। वीडियो फुटेज की जांच की जा रही है जिसके आधार पर और गिरफ्तारी की जा सकती है।

वर्दी में दंगे पर नजर रखने वाले की जांच में जुटी सेनाश्रीलंकाई सेना ने वर्दी पहने एक आदमी को दंगा कर रहे लोगों पर नजर रखने की जांच शुरू कर दी है। वीडियो में इस आदमी को मुस्लिमों की दुकानों, वाहनों और मस्जिदों पर हमला कर रही भीड़ को देखते पाया गया है। सेना मुख्यालय ने कहा कि वीडियो ने उसका ध्यान खींचा है। सेना अब इस बात की जांच में जुटी है कि वह आदमी कौन है और वह सेना का जवान है या नहीं।

श्रीलंका को विदेशी सेना की जरूरत नहीं

वित्त मंत्रीश्रीलंका के वित्त मंत्री मंगला समरवीरा ने कहा है कि उनके देश को अमेरिकी सेना या किसी दूसरे देश की सेना को बुलाने की जरूरत नहीं है। जहां तक अंतरराष्ट्रीय आतंकी के खिलाफ कदम उठाने की बात है तो अमेरिकी गुप्तचर एजेंसी के पास बहुत ज्यादा अनुभव है। इसी तरह ब्रिटेन, यूरोप और आस्ट्रेलिया की एजेंसियां भी अनुभवी हैं। यही कारण है कि देश में आतंकी स्थिति पर काबू पाने के लिए अंतरराष्ट्रीय मदद मांगी गई है।

श्रीलंकाई साफ्टवेयर इंजीनियर पर रह चुकी है भारत की नजर

ईस्टर हमले को तकनीकी और साजोसामान से मदद मुहैया कराने के संदिग्ध श्रीलंका के साफ्टवेयर इंजीनियर पर भारतीय खुफिया एजेंसियों ने तीन साल पहले नजर रखी थी। जांचकर्ताओं ने कहा है कि उसपर आइएस से संपर्क होने का संदेह था। श्रीलंकाई जांच एजेंसियों का मानना है कि 24 वर्षीय आधिल अमीज उन दो समूहों के बीच सेतु का काम कर रहा था जिसने चर्च और होटलों पर हमले किए। आधिल को गिरफ्तार कर लिया गया है और वह पुलिस हिरासत में है।

चर्च पर हमला करने वाले आत्मघाती की पत्नी ने बच्चे को जन्म दियासेंट एंथोनी चर्च में खुद को विस्फोटक से उड़ा लेने वाले आत्मघाती हमलावर 22 वर्षीय अलावद्दीन अहमेद मुआथ की पत्नी ने पहले बच्चे को जन्म दिया है। इस बच्चे का जन्म श्रीलंका में ईस्टर के मौके पर हुए सबसे खतरनाक हमले के दो सप्ताह बाद हुआ है। मुआथ उन नौ आत्मघाती हमलावरों में शामिल था जिन्होंने तीन चर्चो और तीन होटलों में समन्वित तरीके से विस्फोट किए।

श्रीलंका की मदद बढ़ाने को तैयार है चीन

चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने अपने श्रीलंकाई समकक्ष मैत्रीपाल सिरिसेन से आतंकवाद से मुकाबला और देश की आतंकवाद निरोधक क्षमता मजबूत करने में पूरा सहयोग करने का वादा किया है। श्रीलंका में हुए आतंकी हमलों की निंदा करते हुए चीन के राष्ट्रपति ने कहा कि चीन, श्रीलंका सरकार और देश के लोगों के साथ खड़ा है।

 

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Posted By: Nitin Arora