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फेसबुक पर टिप्पणी करने वाले श्रीलंकाई नागरिक की मौत की सजा रद, सऊदी अरब ने पलटा फैसला

Published: Wed, 14 Oct 2026 01:34 PM (IST)

सऊदी अरब की सुप्रीम कोर्ट ने फेसबुक पोस्ट पर टिप्पणी के लिए एक श्रीलंकाई प्रवासी कर्मचारी को सुनाई गई मौत की सजा रद कर दी है।

सांकेतिक तस्वीर।

सांकेतिक तस्वीर।

HighLights

  1. सऊदी सुप्रीम कोर्ट ने मौत की सजा रद की।

  2. फेसबुक टिप्पणी में ईशनिंदा का आरोप था।

  3. श्रीलंकाई प्रवासी कर्मचारी अनोझन शिवरासा को राहत।

डिजिटल डेस्क, रियाद। सऊदी अरब की सुप्रीम कोर्ट ने फेसबुक के किसी पोस्ट पर टिप्पणी करने के लिए एक प्रवासी कर्मचारी को सुनाई गई मौत की सजा को रद कर दिया है। ये जानकारी कोलंबों के उप-विदेश मंत्री अरुण हेमाचंद्र ने दी है।

मामला सऊदी अरब की अपील कोर्ट का है, जहां पर 27 साल के अनोझन शिवरासा को मौत की सजा सुनाई गई थी। कोर्ट ने सितंबर में उन्हें अपनी टिप्पणी में इस्लाम और पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ ईशनिंदा का दोषी ठहराया था।

जानकारी सामने आते ही मची हलचल

इस मामले के सामने आते ही श्रीलंका में हलचल मच गई। इसके साथ ही वहां सजा के खिलाफ माफी की कोशिश तेज हो गई।

उप-विदेश मंत्री ने कानूनी टीमों का किया शुक्रिया अदा

कोलंबों के उप-विदेश मंत्री अरुण ने फेसबुक के जरिए बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने सजा रद कर दी है। तनाव के बाद इस निष्कर्ष तक पहुंचने के लिए उन्होंने दोनों देश के अधिकारियों और कानूनी टीमों को धन्यवाद दिया है।

क्या था मामला

पीड़ित अनोझन के इस मामले की शुरुआत एक वीडियो पोस्ट के जरिए हुई थी। जिसमें एक यूजर हिंदू देवता के बारे में अपमानजनक टिप्पणी करता है जवाब में अनोझन पर भी गलत टिप्पणी का आरोप लगा। एक दूसरे के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल हुआ। यहीं से शुरू हुए हिंदू-मुस्लिम विवाद के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया।

स्क्रीनशॉट पर हुई कार्रवाई

हालांकि बाद में अनोझन ने टिप्पणी तुरंत हटा दी लेकिन तब तक स्क्रीनशॉट सऊदी के अधिकारियों तक पहुंच गया। इसके बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए अधिकारियों ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

श्रीलंका के सांसद ने निभाई सराहनीय भूमिका

श्रीलंका के सांसद फाइजर मुस्तफा इस मामले में अनोझन के लिए सऊदी अरब से बातचीत कर रहे हैं। उन्होंने समाचार वेबसाइट बीबीसी को इस बात की पुष्टि की है। उन्होंने ये भी बताया कि वो सुप्रीम कोर्ट के फैसले की समीक्षा कर रहे हैं।

इधर, अनोझन के परिवार ने बताया था कि 28 सितंबर के बाद से संपर्क नहीं हो पा रहा है। वहीं, अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने सऊदी के सरकार से प्रवासी मजदूरों के प्रति थोड़ी नरमी बरतने की अपील की है।