कोलंबो, एएफपी। Sri Lanka Blasts, श्रीलंका में ईस्टर के मौके पर हुए आतंकी हमले ने एक बार फिर सोशल मीडिया पर सवाल खड़ा कर दिया है। इस हमले के मास्टरमाइंड जहरान हाशिम ने हमलावरों से संपर्क करने और उनके ब्रेनवॉश के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया। उसने इसके जरिए लोगों को कट्टरपंथी बनने के लिए प्रेरित किया। यहां के मुस्लिम समुदाय के नेताओं के मुताबिक हाशिम कई माह तक प्राइवेट चैटरूम में छह युवकों को इस हमले को अंजाम देने के लिए राजी करने के लिए काम करता रहा।  

मुस्लिम समुदाय में डर का माहौल
हमलावरों ने इस हमले के दौरान तीन चर्च और होटल को निशाना बनाया, जिसमें 250 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई। इस हमलों में ईसाई और विदेशी पर्यटक सबसे ज्यादा प्रभावित हुए, लेकिन इस देश के मुस्लिम समुदाय भी बुरी तरह से डरा हुआ है और उसने हाशिम और अन्य जिहादियों को लेकर कई खुलासे किए हैं। 

हाशिम के भाई भी थे शामिल
हाशिम की हमले के दौरान 21 अप्रैल को शंगरी-ला होटल में मारा गया। पुलिस और उसके साथी मुसलमानों ने बताया कि उसने अपने धनी भाइयों इल्हाम इब्राहिम और इंशाफ इब्राहिम को इस हमले में शामिल होने के लिए प्रेरित किया। एक पुलिस अन्वेषक ने कहा, 'हमें संदेह है कि दोनों भाइयों ने अपने धन का इस्तेमाल इन विस्फोटों में किया। ऐसा लगता है इसके लिए इंटरनेट (फेसबुक और यूट्युब) का इस्तेमाल किया गया।'

फेसबुक के माध्यम से लोगों को बनाया कट्टरपंथी 
इब्राहिम बंधुओं के पड़ोसियों ने कहा कि वे जनसमूह के सक्रिय सदस्य नहीं थे।Ceylon Thowheed Jama'ath group (CTJ) के एक नेता आर अब्दुल रजिक ने कहा 'हम मानते हैं कि हाशिम ने फेसबुक के माध्यम से इन लोगों को कट्टरपंथी बनाया। विशेष रूप से पिछले साल से वह खुले तौर पर गैर-मुस्लिमों की हत्या की बात करता था।' 

प्राइवेट सोशल मैसेंजेज का इस्तेमाल
जांचकर्ताओं और समुदाय के नेताओं का मानना ​​है कि इस ग्रुप ने संपर्क बनाने के लिए प्राइवेट सोशल मैसेंजेज का इस्तेमाल किया। इससे उनपर संदेह नहीं हुआ। CTJ और अन्य इस्लामिक निकायों ने इसे लेकर श्रीलंका की सुरक्षा एजेंसियों को सचेत किया था, लेकिन उनकी चेतावनियों पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया।

फेसबुक पेज से श्रीलंकाई मुसलमानों को कर रहा था प्रभावित 
श्रीलंका सरकार पहले ही स्वीकार कर चुकी है कि हमलों के बारे में विदेशी खुफिया चेतावनियां मंत्रियों को नहीं दी गई थीं। रजिक ने कहा, 'हमने खुफिया एजेंसियों से जहरान के फेसबुक पेज को हटाने के लिए कहा क्योंकि वह श्रीलंकाई मुसलमानों को प्रभावित कर रहा था। हमें बताया गया कि उसे पेज जारी रखने की अनुमति देना बेहतर है ताकि अधिकारी  उसपर नजर रख सकें कि वह क्या कर रहा था।' एक अन्य उदारवादी इस्लामिक समूह, Sri Lanka Thowheed Jama'ath (SLTJ) ने 2017 में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में हाशिम को लेकर अधिकारियों दिया था, लेकिन इसे लेकर कोई कार्रवाई नहीं की गई।

पुलिस ने धमाकों से जुड़े हमलावरों का विवरण जारी किया
SLTJ के प्रवक्ता थ्वाइसेफ अहमद ने बताया, 'जहरान ने सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हुए लोगों को प्रेरित किया। वह आईएस के  प्रोपगेंडा पर काम कर रहा था।' पुलिस ने धमाकों से जुड़े हमलावरों और उनके रिश्तेदारों का विवरण बुधवार को जारी किया था। पुलिस ने इस दौरान बताया कि मुहम्मद कासिम मुहम्मद जहरान उर्फ जहरान हाशिम ने आत्मघाती हमलावरों का नेतृत्व किया था। वह आतंकी संगठन आइएस से जुड़े स्थानीय नेशनल तौहीद जमात (NTJ) संगठन का सरगना था। उसने शांगरी-ला होटल में खुद को उड़ा दिया था, जबकि उसके भाई मुहम्मद नजर मुहम्मद अजत ने जियान चर्च में खुद को उड़ाया था। हाशिम के एक अन्य भाई अच्ची मुहम्मद मुहम्मद ने सेंट सेबेस्टियन चर्च को निशाना बनाया था।

इल्हाम इब्राहिम की गर्भवती पत्नी, फातिमा इल्हाम ने खुद को तब उड़ा लिया, जब पुलिस ने बम विस्फोटों के बाद कोलंबो में परिवार के घर पर छापा मारा। उसने अपने दो बच्चों और तीन पुलिस अधिकारियों को भी मार डाला।

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Posted By: Tanisk

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