डिस्‍क्‍लेमर:  12 दिसंबर को दैनिक जागरण अखबार में ''...और भेड़ों का हुआ असामान्य व्यवहार'' शीर्षक से प्रकाशित खबर न्यूज एजेंसी IANS की खबर का हिंदी अनुवाद थी। अखबार की यही खबर दैनिक जागरण की वेबसाइट jagran.com पर पब्लिश हुई। IANS की खबर ''World News Daily Report'' नाम की वेबसाइट पर प्रकाशित रिपोर्ट के आधार पर लिखी गई थी, जो वास्तव में काल्पनिक खबरों के आधार पर तंज कसने वाली रिपोर्ट्स छापा करती है। वेबसाइट ने अपना परिचय देते हुए इसका साफ-साफ जिक्र किया है। 

 IANS ने इस फर्क को समझे बिना रिपोर्ट जारी की, जो वास्तव में खबर न होकर मजाक थी।  IANS की तरफ से इस गलत खबर के बारे में अभी तक कोई स्पष्टीकरण नहीं जारी किया गया है लेकिन एक जिम्मेदार संस्थान होने के नाते एजेंसी की इस त्रुटिपूर्ण रिपोर्ट की वजह से पाठकों को गलत जानकारी मिली, जिसकी वजह से हम इस रिपोर्ट को वापस ले रहे हैं।

लंदन, आइएएनएस। दक्षिण आयरलैंड (Southern Ireland) की घटना है। यहां के रिंगास्किड्डी हार्बर (Ringaskiddy harbour) के पास हजारों भेड़ें चर रही थीं। चरवाहों ने बताया कि हार्बर का पानी पीकर 80 हजार भेड़ें और कुछ मवेशी असामान्य व्यवहार करने लगे। दरअसल, हुआ यह था कि दुर्घटना के तहत एक जानी-मानी दवा कंपनी की हजारों किलोग्राम यौनवर्धक दवाएं (spilled tonnes of Viagra) उस पानी में घुल गई। इसी पानी को पीकर भेड़ें असामान्य यौन व्यवहार करने लगीं। 

शुरुआत में कंपनी ने गलती मानी कि उसकी चूक से 755 टन दवा (spilled tonnes of Viagra) यहां के पानी में घुल गई। बाद में कंपनी अपनी बात से मुकर गई। कंपनी ने दावा किया कि वह अपने संयंत्र के पास के पर्यावरण और समुदायों को संरक्षित रखने के प्रति प्रतिबद्ध रहती है। कंपनी पर्यावरण के आदर्श मानकों का पालन करती है और मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण को बचाने के लिए स्वास्थ्य और पर्यावरण विभाग से उसे लाइसेंस हासिल है।

पहले तो इस घटना के बारे में चरवाहों को समझ नहीं आया। लेकिन जब भेड़ों का बर्ताव एक हफ्ते तक असामान्‍य रहा तो चरवाहों की शिकायत के बाद घटना की पड़ताल की गई। जांच में सामने आया कि इलाके में मौजूद ड्रग मैन्‍यूफैक्‍चरिंग कंपनी ने गलती से पास में पहले वाले रिंगाडिस्‍की हार्बर में यौन उत्‍तेजक दवाएं डाल दी थी। जिससे यह पानी पीकर एक हफ्ते तक भेड़ें असामान्‍य व्‍यवहार करने लगीं और चरवाहे परेशान रहे। बता दें कि इलाके के चरवाहे इसी नदी का पानी पिलाने के लिए अपनी भेड़ें लाते थे।  

अभी हाल ही में जीवों में हो रहे असामान्‍य बदलाव से मिलती जुलती एक घटना की रिपोर्ट आई थी। इसमें कहा गया है कि लगातार गर्म होती जलवायु के कारण कई पक्षियों को आकार तो सिकुड़ रहा है, लेकिन इनके पंखों का फैलाव ज्यादा होने लगा है। जलवायु परिवर्तन के खतरों का आकलन करने वाले एक नए अध्ययन में यह दावा किया गया। वैज्ञानिकों की मानें तो पक्षियों में होने वाला यह बदलाव असामान्‍य तो है ही चिंताजनक भी है। इससे उनके विलुप्‍त होने का खतरा भी पैदा हो गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि ग्‍लोबल वर्मिंग के कारण पक्षियों में सर्वाधिक बदलाव देखा जा रहा है। 

Posted By: Krishna Bihari Singh

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