सर्बिया में बड़ा सियासी उलटफेर, पुतिन समर्थक राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वुसिक ने मानी हार; स्टूडेंट लिस्ट को मिला पूर्ण बहुमत
सर्बियाई संसदीय चुनाव में राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वुसिक ने अपनी पार्टी की हार स्वीकार कर ली है। विपक्षी 'स्टूडेंट लिस्ट' ने ...और पढ़ें

सर्बियाई चुनाव में बड़ा सियासी उलटफेर (स्क्रीनग्रैब)

समय कम है?
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डिजिटल डेस्क, बेलग्रेड। सर्बिया में हुए संसदीय चुनाव में लंबे समय से सत्ता पर काबिज पुतिन समर्थक राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वुसिक ने अपनी पार्टी की हार स्वीकार कर ली है। शुरुआती नतीजों के आधार पर वुसिक ने घोषणा की कि विपक्षी दल 'स्टूडेंट लिस्ट' ने संसद में पूर्ण बहुमत हासिल कर लिया है और वह अगली सरकार बनाने जा रही है।
दरअसल, शुरुआती नतीजों के बाद देश को संबोधित करते लेक्जेंडर वुसिक ने कहा, 'वोटों के रुझानों से यह साफ है कि हम चुनाव हार गए हैं।' उन्होंने माना कि विपक्षी गुट ने निर्णायक जीत हासिल की है। संसद में सीटों के संभावित बंटवारे के बारे में बात करते हुए, वुसिक ने कहा कि स्टूडेंट लिस्ट आसानी से अगली सरकार बना लेगी।
सर्बियन प्रोग्रेसिव पार्टी फिर से सरकार बनाने में नाकाम
वुसिक ने कहा,' 'स्टूडेंट लिस्ट' जीत गई है और उन्हें 135 से 140 सीटें मिलेंगी, जबकि हमें लगभग 105 सीटें मिलेंगी।' उन्होंने माना कि उनकी पार्टी, 'सर्बियन प्रोग्रेसिव पार्टी' (SNS) सत्ता बनाए रखने में नाकाम रही है।
वुसिक ने बताया कि संसद में मुख्य रूप से दो बड़े गुट और कुछ अल्पसंख्यक पार्टियों के प्रतिनिधि ही होंगे। उन्होंने आगे कहा कि संसद में कोई और नहीं पहुंचा है। 'अलायंस ऑफ वोज्वोडिना हंगेरियन' ने तीन सीटें जीती हैं, अल्बानियाई लोगों को एक सीट मिली है, और मुझे लगता है कि SDA को भी एक सीट मिली है।
किसको कितना प्रतिशत मिला वोट?
यूरो न्यूज के अनुसार, वोटों की गिनती में 'स्टूडेंट लिस्ट' को लगभग 22 लाख (2.2 मिलियन) वोट मिले, यह कुल वोटों का 52 प्रतिशत है। जबकि सत्ताधारी 'सर्बियन प्रोग्रेसिव पार्टी' को लगभग 17.2 लाख (1.72 मिलियन) वोट मिले, यह कुल डाले गए वोटों का 32.3 प्रतिशत है।
लगभग 52 प्रतिशत वोट शेयर और अनुमानित 135 से 140 सीटों के साथ 'स्टूडेंट लिस्ट' ने निर्णायक जीत दर्ज की है, जबकि सत्ताधारी सर्बियन प्रोग्रेसिव पार्टी (SNS) करीब 105 सीटों पर सिमटती दिख रही है।
चुनाव के दौरान बढ़ गया था मतदान
CNN के अनुसार, कड़े मुकाबले वाले इस संसदीय चुनाव में भारी मतदान हुआ और तनाव भी काफी बढ़ गया था। एक तरफ राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वुसिक और उनकी दक्षिणपंथी 'सर्बियन प्रोग्रेसिव पार्टी' थी, तो दूसरी तरफ छात्रों के नेतृत्व वाले समूह 'स्टूडेंट लिस्ट' थे।
स्टूडेंट लिस्ट' को जनता का व्यापक समर्थन मिला है। वह सरकार पर भ्रष्टाचार करने और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप लगाते हैं।
चुनाव परिणाम को देखते हुए यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने 'स्टूडेंट लिस्ट' को उनकी जीत पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि वे सर्बिया के भविष्य को यूरोपीय संघ में आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम करने को पूरी तरह तैयार हैं। (समाचार एजेंसी ANI के इनपुट के साथ)
