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हूती विद्रोहियों के खिलाफ युद्ध में शामिल होना चाहते थे नेतन्याहू, सऊदी प्रिंस ने क्यों रोका?

Published: Wed, 14 Oct 2026 11:13 AM (IST)

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने यमन में हूती विद्रोहियों के खिलाफ सैन्य अभियान में शामिल होने का प्रस्ताव सऊदी ...और पढ़ें

सऊदी क्राउन प्रिंस सलमान ने इजरायल के प्रस्ताव को अस्वीकार किया।

सऊदी क्राउन प्रिंस सलमान ने इजरायल के प्रस्ताव को अस्वीकार किया।

HighLights

  1. नेतन्याहू ने यमन युद्ध में शामिल होने का प्रस्ताव सऊदी को दिया।

  2. सऊदी क्राउन प्रिंस सलमान ने इजरायल के प्रस्ताव को अस्वीकार किया।

  3. सऊदी ने फिलिस्तीनी समाधान को संबंध सामान्यीकरण की शर्त बताया।

डिजिटल डेस्क, रियाद। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू अमेरिकी चुनाव से ठीक पहले युद्ध का एक एक नया मोर्चा खोलने की कोशिश में जुट गए हैं।

सऊदी ने ठुकराया इजरायल का ऑफर

इजरायली मीडिया की रिपोर्ट्स के मुताबिक, नेतन्याहू ने अमेरिका की मध्यस्ता के जरिए सऊदी अरब से संपर्क साधा है और यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के खिलाफ चलाए जा रहे सैन्य अभियान में शामिल होने की इजाजत मांगी है।

राजनयिक सूत्रों का हवाला देते हुए इजरायल के 'हारारेत्ज़' समाचार पत्र ने जानकारी दी कि सऊदी अरब के वास्तविक नेता, क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने यमन में सैन्य भागीदारी के इजरायली प्रस्ताव का विरोध किया है, क्योंकि उन्हें डर है कि इससे देश की जनता में नाराजगी फैल सकती है।

इस मामले की जानकारी रखने वाले एक दूसरे सूत्र ने बताया कि तेल अवीव को उम्मीद थी कि अमेरिका के इन दो सहयोगियों के बीच सैन्य सहयोग से उनके क्षेत्रीय संबंध मजबूत होंगे और भविष्य में संबंधों को सामान्य करने वाले समझौते का रास्ता साफ होगा।

सऊदी-इजरायल के कैसे हैं संबंध

सऊदी अरब और इजरायल के बीच फिलहाल कोई औपचारिक राजनयिक संबंध नहीं है, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने हाल के महीनों में सऊदी अरब को अब्राहम समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए बार-बार प्रोत्साहित किया है।

लेकिन रियाद का साफ कहना है कि संबंधों को सामान्य बनाना केवल तभी संभव है जब फिलिस्तीनी मुद्दे का स्थायी समाधान निकाला जाए और एक स्वतंत्र फिलिस्तीनी राज्य की स्थापना हो। हालांकि, नेतन्याहू ने अपने हालिया चुनावी अभियान के बयानों में ऐसा न होने देने का वादा किया है।

अब तक सऊदी के अधिकारियों ने इजरायल के प्रस्ताव को कथित तौर पर ठुकराया जाने पर कोई टिप्पणी नहीं की है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब हूतियों के लगातार हमलों ने तेल-समृद्ध देश के विमानन उद्योग को बाधित कर दिया है, जिसके कारण अधिकारियों ने रियाद के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को शनिवार तक बंद रखने का फैसला किया है और एयरलाइंस ने उड़ानें रद्द कर दी हैं।

नेतन्याहू की संबंध ठीक करने की कोशिश

प्रिंस सलमान क्राउन प्रिंस होने के साथ-साथ सऊदी अरब के प्रधानमंत्री भी हैं, जिसका अर्थ है कि उनकी मंजूरी के बिना नेतन्याहू सरकार को युद्ध में शामिल होने की अनुमति मिलने की संभावना कम है।

हालांकि, इजरायली प्रधानमंत्री ने बार-बार रियाद के साथ संबंधों को सामान्य बनाने के अपने लक्ष्य को दोहराया है।

'हारारेत्ज़' की एक रिपोर्ट के अनुसार, दोनों देश 2023 की शरद ऋतु में एक समझौते के करीब थे यही कारण था कि नेतन्याहू ने 7 अक्टूबर 2023 को हमास के हमले से पहले के हफ्तों में तनाव बढ़ाने से बचने की कोशिश की थी।

हालांकि, वॉशिंगटन पोस्ट की एक हालिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सऊदी प्रिंस ने ही सबसे पहले नेतन्याहू को हमास की योजना के बारे में चेतावनी दी थी, लेकिन इजरायली प्रधानमंत्री ने उस चेतावनी पर कोई कार्रवाई नहीं की।

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