म्यूनिख, एएनआइ। रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच भारत ने एक बार फिर बातचीत के जरिए युद्ध का समाधान तलाशने की पेशकश की है। विदेश सचिव विनय क्वात्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जी 7 शिखर सम्मेलन में यूक्रेन संघर्ष पर भारत की स्थिति स्पष्ट कर दी है, जहां पीएम मोदी ने दोहराया कि शत्रुता का तत्काल अंत होना चाहिए और संवाद व कूटनीति के जरिए एक संकल्प पर पहुंचा जाना चाहिए। रूस-यूक्रेन संघर्ष पर भारत के रुख पर एक सवाल का जवाब देते हुए, क्वात्रा ने प्रेस कान्फ्रेंस के दौरान कहा, 'रूस-यूक्रेन पर पीएम ने भारत की स्थिति स्पष्ट कर दी, जिसमें शत्रुता को तत्काल समाप्त करना, स्थिति को हल करने के लिए बातचीत और कूटनीति शामिल है।'

पीएम मोदी ने पुतीन और जेलेंस्की से की बातचीत

विदेश सचिव क्वात्रा ने इस बात पर भी जोर दिया कि पीएम मोदी ने विश्व के नेताओं के साथ पूर्वी यूरोप में खाद्य सुरक्षा संकट पर विशेष रूप से कमजोर देशों पर संघर्ष के असर पर बात की है। क्वात्रा ने कहा, 'प्रधानमंत्री ने खाद्य सुरक्षा संकट पर विशेष रूप से कमजोर देशों पर संघर्ष के प्रभाव को भी सामने रखा है।' उन्होंने आगे कहा कि 24 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रूस और यूक्रेन, दोनों से अशांति और शत्रुता को समाप्त करने की अपील कर रहे हैं। बता दें कि युद्ध शुरू होने के बाद पीएम मोदी ने हस्तक्षेप किया और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ बात की। पीएम मोदी ने दोनों देशों के राष्ट्रपतियों के बीच सीधी बातचीत के जरिए हल निकालने की सलाह भी दी है। पीएम मोदी ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से भी बात की थी और जारी संघर्ष के कारण जान-माल के नुकसान के बारे में अपनी गहरी पीड़ा व्यक्त की थी।

दुनिया अब भारत को समाधान प्रदाता के रूप में देखती है: क्वात्रा

जर्मनी में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के मददे्नजर विदेश सचिव विनय क्वात्रा ने कहा कि अब दुनिया भारत को एक समाधान प्रदाता के रूप में देखती है, जो कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ नेताओं की शारीरिक भाषा और सौहार्द से काफी स्पष्ट दिख रहा था। पीएम मोदी ने 26-27 जून को जर्मनी में जी7 शिखर सम्मेलन में भाग लिया, विश्व नेताओं के साथ बैठक की और साथ ही भारतीय प्रवासियों के साथ बातचीत भी की। एक प्रेस कान्फ्रेंस के दौरान, क्वात्रा ने कहा, 'जी 7 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति ने दिखाया कि भारत की उपस्थिति को सभी महत्व देते हैं और अब भारत को सभी देशों द्वारा समाधान प्रदाता के रूप में देखा जाता है।

Edited By: Piyush Kumar