जिनेवा, रायटर। रूसी सेना द्वारा यूक्रेन की स्वास्थ्य सुविधाओं पर किए गए हमलों से वहां पर स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर आपातस्थिति पैदा हो गई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के सदस्य देशों की गुरुवार को हुई बैठक में रूसी कृत्य की निंदा का प्रस्ताव पेश किया गया। प्रस्ताव में डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि रूसी सेना ने यूक्रेन में स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़े 235 स्थानों पर हमले किए। उनमें से ज्यादातर बर्बाद हो गए हैं। इस प्रस्ताव के जवाब में रूस ने भी एक प्रस्ताव पेश किया जिसमें यूक्रेन की स्थिति के लिए खुद की कोई भूमिका नहीं होने की बात कही गई है।

सीरिया ने रूस के प्रस्ताव का समर्थन किया है। रूस की निंदा के प्रस्ताव को अमेरिका और 40 से ज्यादा अन्य देशों का समर्थन प्राप्त है। प्रस्ताव में रूसी कार्रवाई को अविलंब रोके जाने और संयुक्त राष्ट्र स्वास्थ्य एजेंसी में रूस का मतदान का अधिकार निलंबित किए जाने की सिफारिश की गई है। अगर यह प्रस्ताव बड़े अंतर से पारित हो गया तो बहुध्रुवीय व्यवस्था के लिए बड़ा राजनीतिक संदेश होगा। बैठक में पोलैंड के स्वास्थ्य मंत्री एडम नीडजिल्स्की ने कहा, यूक्रेन में जिस तरह से सैन्य हमले में जनस्वास्थ्य सुविधाओं को ध्वस्त किया गया है उस पर संगठन चुप होकर नहीं बैठ सकता। उसे इस पर कड़ा कदम उठाकर दुनिया को संदेश देना होगा।

रूस युद्ध जीत नहीं सकता : शुल्ज

बता दें कि दावोस में जर्मनी के चांसलर ओलफ शुल्ज ने कहा है कि रूस यूक्रेन में युद्ध जीत नहीं सकता। इसलिए रूसी राष्ट्रपति पुतिन शांति समझौते की शर्ते तय नहीं कर सकते। इस बीच रूस ने चेतावनी दी है कि अगर यूट्यूब ने उसकी विदेश मंत्रालय के वक्तव्यों का प्रसारण रोका तो जवाब में वह सभी विदेशी संवाददाताओं को देश से निष्कासित कर देगा। जबकि यूक्रेन के अधिकारियों ने दावा किया है कि मारीपोल इलाके में रूस द्वारा जारी पासपोर्ट वितरण का कार्य शुरू हो गया है। यूक्रेन के डोनबास इलाके में भीषण लड़ाई जारी है। रूसी गोलाबारी में खार्कीव क्षेत्र में में चार नागरिकों के मारे जाने और कई के घायल होने की खबर है।

Edited By: Piyush Kumar