बिना लड़े दुश्मन को मात? ईरान-इजरायल युद्ध की आग में रूस ने सेकी अपनी आर्थिक रोटियां
रूस मध्य पूर्व में चल रहे ईरान-इजरायल संघर्ष से अप्रत्यक्ष रूप से लाभ उठा रहा है। अमेरिकी-इजरायली हमलों और ईरानी ...और पढ़ें

रूस ने सेकी अपनी आर्थिक रोटियां

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। प्राचीन चीनी रणनीतिकार सुन त्ज़ू ने अपनी किताब 'द आर्ट ऑफ वॉर' में कहा था कि युद्ध की सबसे बड़ी कला बिना लड़ाई के दुश्मन को हरा देना है। आज मध्य पूर्व में चल रहे तनाव में यह विचार सच्चा होता दिख रहा है। क्षेत्र में बड़ा संघर्ष चल रहा है, लेकिन रूस चुपचाप इसका फायदा उठा रहा है।
28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर बड़े हमले किए। इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई सहित कई बड़े नेता मारे गए। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' नाम दिया। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान के खिलाफ सख्त रुख अपनाया।
तेल की आपूर्ति बाधित हुई और कीमतें बहुत बढ़ गईं
ईरान ने जवाब में मिसाइल और ड्रोन हमले किए, जिससे पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव फैल गया। अमेरिकी सैन्य ठिकाने, इज़रायल और अन्य देश प्रभावित हुए। तेल की आपूर्ति बाधित हुई और कीमतें बहुत बढ़ गईं।
रूस ने इस युद्ध में सीधे हिस्सा नहीं लिया। उसने हमलों की निंदा की और संयुक्त राष्ट्र में कहा कि यह बिना वजह की आक्रामकता है। मॉस्को ने कूटनीति और बातचीत की अपील की। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया कि रूस ने ईरान को अमेरिकी ठिकानों की जानकारी दी, लेकिन ये बातें साबित नहीं हुईं।
यूरोपीय संघ के काउंसिल प्रेसिडेंट एंटोनियो कोस्टा ने ब्रुसेल्स में कहा कि इस युद्ध का अब तक का एकमात्र विजेता रूस है। कारण साफ हैं - तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं, जिससे रूस को ज्यादा कमाई हो रही है। उसकी अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है।
दुनिया का ध्यान यूक्रेन युद्ध से हटकर मध्य पूर्व पर चला गया
साथ ही, दुनिया का ध्यान यूक्रेन युद्ध से हटकर मध्य पूर्व पर चला गया है। यूक्रेन को मदद कम मिल रही है, जो रूस के लिए फायदेमंद है।अमेरिका और इज़रायल इस संघर्ष में उलझे हैं, जबकि रूस दूर रहकर अपना प्रभाव बढ़ा रहा है। ऊर्जा बाजार में उसकी स्थिति मजबूत हो गई है।
कई विशेषज्ञ मानते हैं कि बिना गोली चलाए रूस सबसे बड़ा लाभार्थी बन सकता है। यह स्थिति सुन त्ज़ू की रणनीति जैसी लगती है - कमजोर पड़ने वाले विरोधियों से फायदा उठाना।अभी युद्ध जारी है और इसका असर वैश्विक स्तर पर फैल रहा है। दुनिया देख रही है कि अंत में कौन मजबूत बनेगा।
