यूक्रेन के 15 बिजलीघरों पर रूस का हमला, खाद्यान्न निर्यात के लिए जेलेंस्की ने पड़ोसी देशों से मांगी मदद
रूस ने यूक्रेन के 15 से अधिक बिजलीघरों और गैस स्टेशनों को निशाना बनाया है, जिससे ऊर्जा संकट गहरा गया है।

यूक्रेन के 15 बिजलीघरों पर रूस का हमला। (रॉयटर्स)
HighLights
रूस ने यूक्रेन के 15 से अधिक ऊर्जा संयंत्रों पर हमला किया।
जेलेंस्की ने खाद्यान्न निर्यात के लिए पड़ोसी देशों से मदद मांगी।
हंगरी ने यूक्रेनी खाद्यान्न पारगमन में सहयोग का आश्वासन दिया।
डिजिटल डेस्क, कीव। यूक्रेन में ठंड के मौसम की शुरुआत होने के साथ ही ऊर्जा संयंत्रों पर रूसी हमले बढ़ गए हैं। शनिवार को भी रूस ने 15 से ज्यादा बिजलीघरों और गैस स्टेशनों को हवाई हमलों में निशाना बनाया।
राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा है कि रूसी हमलों के दुष्प्रभावों से निपटने के लिए हम पूरी कोशिश कर रहे हैं और ऊर्जा संयंत्रों की मरम्मत का कार्य तेज कर दिया गया है। इस बीच यूक्रेन ने पूर्वी यूक्रेन के डोब्रोपीलिया शहर पर रूस के कब्जे के दावे को खारिज किया है। कहा है कि डोब्रोपीलिया पर हमारा नियंत्रण बना हुआ है, वहां पर भीषण लड़ाई जारी है।
यूक्रेन ने रूस के उस दावे को झूठा बताया है जिसमें एक सितंबर से अभी तक यूक्रेन की 1,800 वर्ग किलोमीटर भूमि और 92 ठिकानों पर कब्जा करने की बात कही गई है। इस बीच यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने पड़ोसी देशों- पोलैंड, रोमानिया, स्लोवाकिया और हंगरी से खाद्यान्न निर्यात में मदद करने का अनुरोध किया है।
यूक्रेन विश्व में गेहूं, मक्का और सूरजमुखी के बीजों का बड़ा निर्यातक है। उसका 90 प्रतिशत निर्यात काला सागर के जरिये होता था लेकिन रूस के हमलों के चलते अब वहां से निर्यात बहुत मुश्किल हो गया है। इसी के चलते जेलेंस्की ने सड़क मार्ग से जुड़े पड़ोसी देशों से निर्यात में मदद मांगी है। हंगरी के प्रधानमंत्री पीटर मैग्येर ने इसमें मदद का आश्वासन दे दिया है।
कहा है कि यूक्रेनी माल उनके देश होकर अन्यत्र भेजा जा सकता है। इसके लिए आवश्यक वार्ता अगले सप्ताह होगी।
(समाचार एजेंसी रॉयटर्स के इनपुट के साथ)
