ट्रंप को बड़ा झटका: रूस-चीन ने अमेरिकी प्रस्ताव पर लगाया वीटो, ईरान प्रतिबंधों की निगरानी का मसौदा खारिज
रूस और चीन ने गुरुवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अमेरिका के उस प्रस्ताव पर वीटो लगा दिया, जिसमें ...और पढ़ें

रूस-चीन ने यूएन में ईरान प्रतिबंध निगरानी के अमेरिकी प्रस्ताव पर वीटो किया (फोटो- एएनआई)
HighLights
ये प्रतिबंध ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर पिछले साल फिर से लागू किए गए थे
मतदान में 11 देश पक्ष में थे, लेकिन रूस और चीन के वीटो के कारण प्रस्ताव गिर गया
डिजिटल डेस्क, संयुक्त राष्ट्र। रूस और चीन ने गुरुवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अमेरिका के उस प्रस्ताव पर वीटो लगा दिया, जिसमें ईरान पर लगे प्रतिबंधों की निगरानी जारी रखने के लिए संयुक्त राष्ट्र विशेषज्ञों को अधिकृत करने का प्रविधान था।
ये प्रतिबंध ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर पिछले साल फिर से लागू किए गए थे। इनमें ईरान की विदेश में संपत्तियों को फ्रीज करना, हथियार सौदों पर रोक और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम पर दंड शामिल हैं। 2015 के परमाणु समझौते के ‘स्नैपबैक’ प्रावधान का इस्तेमाल करते हुए फ्रांस, जर्मनी और ब्रिटेन ने 27 सितंबर 2025 को इन प्रतिबंधों को फिर लागू किया था।
अमेरिका ने विशेषज्ञ पैनल का जनादेश एक साल बढ़ाने का प्रस्ताव रखा था। मतदान में 11 देश पक्ष में थे, लेकिन रूस और चीन के वीटो के कारण प्रस्ताव गिर गया। सोमालिया और पाकिस्तान ने मतदान में भाग नहीं लिया।
ईरान के संयुक्त राष्ट्र मिशन ने रूस और चीन का आभार जताते हुए कहा कि उन्होंने अमेरिका और उसके सहयोगियों द्वारा सुरक्षा परिषद का राजनीतिक दुरुपयोग करने के प्रयास को रोका। अमेरिकी डिप्टी एंबेसडर जेनिफर लोसेटा ने कहा कि वीटो से प्रतिबंध उल्लंघन पर स्वतंत्र रिपोर्टिंग बाधित होगी।
रूसी राजदूत वसीली नेबेंजिया ने कहा कि स्नैपबैक अवैध था, इसलिए प्रस्ताव का कोई कानूनी आधार नहीं है। फ्रांसीसी राजदूत ने प्रतिबंधों को लागू करने को महत्वपूर्ण बताया।
