संयुक्त राष्ट्र (पीटीआई)। लाइबेरिया में शांति बहाल करने के लिए 15 वर्षो से चल रहा संयुक्त राष्ट्र (यूएन) का मिशन सफल रहने के बाद अगले महीने आधिकारिक रूप से बंद कर दिया जाएगा। यूएन मिशन में शामिल भारतीय महिला शांति सैनिकों की सराहना की गई।

2003 में सुरक्षा परिषद ने यूनाइडेट नेशन मिशन इन लाइबेरिया (यूएनएमआइएल) को स्थापित किया था। मिशन के सफल होने पर 22 मार्च को मॉनरोविया में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें लाइबेरिया के राष्ट्रपति जॉर्ज वीह और संयुक्त राष्ट्र की उप महासचिव अमीना मुहम्मद मौजूद थीं।

यूएनएमआइएल ने कहा, 'इस मिशन में इंडियन फॉ‌र्म्ड पुलिस यूनिट की 125 महिलाएं तैनात थीं। उन्होंने लाइबेरिया की महिलाओं को भी पुलिस में भर्ती होने के लिए प्रेरित किया है।' उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान, बांग्लादेश, चीन, नाइजीरिया और भारत समेत कई देशों की सेना और पुलिस लाइबेरिया में तैनात थी। इस मौके पर मुहम्मद ने मिशन में जान गंवाने वाले 202 शांति सैनिकों को श्रद्धांजलि भी दी। ज्ञात हो कि लाइबेरिया में वर्षो से चल रहे गृह युद्ध में करीब 80 प्रतिशत महिलाएं पीडि़त हुई थीं। यूएन मिशन की तैनाती के बाद से महिलाओं को वोट देने, ऑफिस चलाने, पुलिस में भर्ती होने के साथ अन्य अधिकार मिले हैं।

 जल संरक्षण के लिए यूएन के कदम का भारत ने किया स्वागत

अंतरराष्ट्रीय जल दिवस के मौके पर संयुक्त राष्ट्र ने इंटरनेशनल डीकेड एक्शन ऑन वाटर फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट 2018-2028 को लांच किया। भारत ने जल संरक्षण के लिए उसके इस कदम का स्वागत किया है। यूएन में भारतीय प्रतिनिधि तन्मय लाल ने कहा, 'राष्ट्रीय स्तर पर कार्यो और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की बदौलत स्वच्छ जल की जरूरत को पूरा किया जा सकेगा।' इस मिशन के तहत जल स्त्रोतों का संकलित प्रबंधन करने पर जोर दिया जाएगा।

 

Posted By: Kishor Joshi

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