लंदन, एजेंसी : ब्रिटेन में प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवारी में आगे चल रहीं विदेश मंत्री लिज ट्रस ने आर्थिक क्षेत्र के तीन नियामकों की भूमिका की समीक्षा की इच्छा जताई है। कहा है कि प्रधानमंत्री बनने पर वह ऐसा करने की इच्छा रखती हैं। उनका मानना है कि देश में आर्थिक विकास की गति तेज करने के लिए इन नियामकों की भूमिकाओं में बदलाव होना चाहिए। ट्रस ने जिन तीन नियामकों की भूमिका की समीक्षा की बात कही है, वे हैं- फाइनेंशियल कंडक्ट अथारिटी (एफसीए), बैंक आफ इंग्लैंड्स प्रूडेंशियल रेग्यूलेशन अथारिटी (पीआरए) और पेमेंट सिस्टम रेग्यूलेटर (पीएसआर)। जानकार मानते हैं कि ट्रस के रुख से इन नियामकों का भविष्य अनिश्चित हो गया है।

न्‍यूज एजेंसी रायटर के अनुसार, ट्रस ने कहा है कि देश के आर्थिक विकास के लिए बीते समय में पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। प्रधानमंत्री बोरिस जानसन का स्थान के लिए लेने के लिए आगे बढ़ रहीं लिज ट्रस ने कंजरवेटिव पार्टी के सदस्यों के बीच अपने प्रचार में कहा है कि वह टैक्स कम करेंगी जिससे घरेलू उपयोग की वस्तुएं सस्ती होंगी और लोगों को महंगाई से राहत मिलेगी। ट्रस की इस घोषणा का उन्हें मजबूत करने में बड़ा योगदान माना जा रहा है। ऐसे में जबकि देश की जनता रिकार्ड महंगाई से जूझ रही है तब ट्रस ने शुरू में ही यह घोषणा कर पूर्व वित्त मंत्री ऋषि सुनक पर बढ़त बना ली।

सुनक ने शुरुआत में देश के विकास और आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के लिए टैक्सों को जरूरी बताया। माना जा रहा है कि यही बात उनके खिलाफ गई। जब उन्हें अपने बयान का दुष्प्रभाव समझ आया तब तक देर हो चुकी थी। इसके बाद जितने भी सर्वे आए उन सभी में ट्रस भारी बढ़त लिए दिखाई दीं। सुनक ने टैक्स को लेकर अपने बयान बदले लेकिन उनका कोई फायदा होता नहीं दिखाई दे रहा।

Edited By: Praveen Prasad Singh