जेनेवा, रायटर। उत्तर कोरिया में पड़ रही गर्मी फसलों को बुरी तरह प्रभावित कर रही है। इसका असर वहां चावल, मक्का और अन्य फसलों पर पड़ा है। इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ रेडक्रास एंड रेड क्रिसेंट सोसायटीज ने शुक्रवार को कहा कि इसकी वजह से उत्तर कोरिया में भीषण खाद्य संकट पैदा हो सकता है।

विश्व में सबसे बड़े आपदा राहत नेटवर्क वाली इस संस्था ने कहा, 'परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम के कारण उत्तर कोरिया पहले ही अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध झेल रहा है। ऐसे में खाद्य संकट देश की जनता के लिए नई मुसीबत खड़ी कर सकता है। जुलाई से अब तक वहां बारिश नहीं हुई है।

देश का औसत तापमान 39 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है। ढाई करोड़ की आबादी वाले इस देश में पांच साल से छोटे 25 फीसद बच्चे कुपोषित हैं। उत्तर कोरिया की सरकार ने देश में अभी तक सूखा घोषित नहीं किया है। लेकिन इससे पहले कि स्थिति भीषण खाद्य संकट की ओर बढ़े, हमें कारगर कदम उठाने चाहिए।' करीब तीन दशक पहले उत्तर कोरिया में पड़े अकाल में 30 लाख लोगों की जान गई थी। 

By Arun Kumar Singh